अब कृषि उद्यमी बदलेंगे बिहार में कृषि की तस्वीर

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: आज दिनांक 28 नवंबर 2018 को अमेरिका, इंग्लैंड और स्विट्जरलैंड से आये सिंजेंटा फाउंडेशन फ़ॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर के 22 सदस्यी निदेशकों एवं वैज्ञानिकों की टीम फुलवारीशरीफ के निजामपुर गांव में किसानों से मिले और कृषि उद्यमी के द्वारा किये जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया.

सिंजेंटा फाउंडेशन किसानों के विकास के लिए प्रतिबद्ध

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं जीविका दीदी के स्वागत गान से हुआ. इसके बाद जीविका के राज्य परियोजना निदेशक श्री मनोज कुमार, सिंजेंटा फाउंडेशन के सीईओ इरिक और एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर साइमन ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सिंजेंटा फाउंडेशन किसानों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और कृषि उद्यमी के माध्यम से बिहार के किसानों को कृषि संबंधित सभी सुविधाएं उनके गांव में ही उपलब्ध करवा रहा है.

Agrculture-2
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सिंजेंटा फाउंडेशन के निदेशक श्री भास्कर रेड्डी ने किसान दीदी लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि बिहार में कृषि की तस्वीर कृषि उद्यमिता के विकास से ही संभव है और सिंजेंटा फाउंडेशन बिहार के प्रत्येक गांव में कृषि उद्यमीता के प्रोत्साहन के लिए दृढसंकल्पित है और प्रयासरत है. कौशल्या फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी कैशलेन्द्र ने किसानों को कृषि उद्यमी द्वारा डिजिटल बैंकिंग के बारे में समझाते हुए बताया कि अब किसान अपने गांव में हीं कृषि संबंधित सभी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और बिना कैश के डिजिटल बैंकिंग के माध्यम से कृषि उद्यमी से कृषि उपादान खरीद सकते हैं. इससे ना सिर्फ गांव की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव होगा बल्कि पूरे बिहार में अर्थव्यवस्था में कृषि के योगदान में वृद्धि होगी.

300 कृषि उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया गया

गौरतलब है कि सूबे के 8 जिले -पटना, पूर्णिया,  कटिहार, पूर्वी चंपारण, मुज़हप्परपुर, समस्तीपुर, वैशाली एवं नवादा में युवाओं में उद्यमिता के विकास के लिए कौशल्या फाउंडेशन एवं जीविका द्द्वारा सिंजेंटा फाउंडेशन के सहयोग से 300 कृषि उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया गया है. इन युवाओं को 45 दिन तक हैदराबाद में NIRD में  कृषि से जुड़े विभिन्न व्यवसाय एवं कृषि प्रसार पर क्लास रूम सह व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया एवं सफलतापूर्वक प्रशिक्षण लेने पर इन्हें सर्टिफिकेट भी प्रदान किया गया.

Agriculture-03
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प्रशिक्षण उपरांत ये युवा कृषि उद्यमी के रूप में अपने गांव में कृषि व्यापार कर रहे हैं. ये उद्यमी अपने गांव के किसानों को उन्नत तकनीक से खेती सिखाते हैं, उन्हें उच्च गुणवत्तापूर्ण कृषि उपादान बाज़ार से कम मूल्य पर उपलब्ध करवाते हैं. ये उद्यमी किसानों को नई तकनीक जैसे शेड नेट में सब्जी के पौधे का नर्सरी तैयार कर पौधा उपलब्ध करवाते हैं, सोलर पंप से सिंचाईं की सुविधा उपलब्ध करवाते है, मशीन से खेती करवाते हैं, किसानों के उत्पाद को बड़े बाज़ार में बेचकर किसानों से मुनाफ़ा भी साझा करते हैं.

कृषि के विकास का एक टिकाऊ मॉडल विकसित करना कार्यक्रम का उद्देश्य

इस कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि के विकास का एक टिकाऊ मॉडल विकसित करना है जहाँ गाँव का ही एक युवा प्रशिक्षित कृषि उद्यमी होगा जो अपने किसानों को उच्च गुणवत्ता पूर्ण सभी कृषि उपादान (खाद-बीज-मशीन) उचित मूल्य पर उपलब्ध कराएगा, प्रतिदिन सुबह शाम उनके खेतों पर जाकर प्रसार की सुविधा प्रदान करेगा, बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराएगा, किसानों को नई तकनीक से खेती के लिए प्रशिक्षण देगा एवं प्रत्यक्षण के माध्यम से प्रेरित करेगा. किसान के उपज का सही विपणन की जिम्मेदारी भी इन्हीं कृषि उद्यमियों की होगी. इसके लिए इन्हें संस्था द्वारा सतत मार्गदर्शन किया जाता है.

इस अवसर पर सिंजेंटा फाउंडेशन फ़ॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर से भास्कर रेडी, अरविंद, विक्रम, अभिजीत, राहुल, केशव, कौशल्या फाउंडेशन से कौशलेंद्र, संतोष, संध्या, सिद्धार्थ, अर्चना सहित 500 से अधिक किसान दीदी उपस्थित थीं.

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