2019 तक पूरी तरह डिजिटल होगा बिहार बोर्ड

पटना (नियाज आलम) : साल 2019 देश की राजनीति के साथ-साथ बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के लिए भी खास होने वाला है. गुरुवार को बोर्ड द्वारा आयोजित नेशनल लेवल एग्ज़ामिनेशन बोर्ड कांक्लेव में परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, कार्य योजना आदि पर चर्चा के बाद बोर्ड ने कई अहम निर्णय लेने की बात कही है. इस संबंध में बोर्ड के चेयरमैन आनंद किशोर ने बताया कि कांक्लेव में देशभर के 31 बोर्ड के चेयरमैन शामिल हुए. इस दौरान कई अहम बातों पर चर्चा की गई.

उन्होंने बताया कि कॉन्क्लेव में बिहार बोर्ड द्वारा आयोजित पिछली परीक्षाओं से लेकर नतीजों तक में लिए गए निर्णयों की सराहना की गई. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि बोर्ड द्वारा आयोजित कॉन्क्लेव को देखते हुए इसके अगले संस्करण के आयोजन के लिए गुजरात और उड़ीसा बोर्ड के चेयरमैन ने घोषणा की है. 2018 और 2019 में इन दोनों राज्यों में कांक्लेव का आयोजन तय है, जिसमें आनंद किशोर भी शिरकत करेंगे. इसके साथ बोर्ड के चेयरमैन ने बताया कि अन्य बोर्ड की तर्ज पर बिहार बोर्ड को भी पूरी तरह पेपरलेस बनाने का निर्णय लिया गया है.

इस दिशा में पहले ही से काम किया जा रहा है, बोर्ड की कोशिश है कि 2019 तक इसे पूरी तरह पेपरलेस कर दिया जाएगा. इसके अलावा 2019 से ही बोर्ड की सभी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए आवेदकों को आधार कार्ड देना अनिवार्य कर दिया जाएगा. टीईटी परीक्षा के नतीजों के संबंध में आनंद किशोर ने बताया कि कुछ तकनीकी कारणों को दूर करने के बाद सितंबर के पहले सप्ताह में टीईटी नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे.

इसी तरह सिमुलतला आवासीय विद्यालय के नतीजे भी 7 सितंबर को घोषित कर दिए जाएंगे. परीक्षाओं में पास कराने के लिए आने वाले अज्ञात फोन कॉल पर बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि इस तरह की शिकायतें सुने को मिल रही हैं. उन्होंने लोगों से अपील की है कि जिसे भी इस तरह की कॉल आती है, वह तुरंत इस संबंध में अपने स्थानीय थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं. उन्होंने एसएसपी से भी अनुरोध किया है कि वह इस मामले की तह तक जाएं.

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