बिहार बोर्ड हुआ सख्त, शिक्षकों का ब्यौरा नहीं देने वाले स्कूल- कॉलेज में नामांकन पर लगाई रोक

बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : इंटरमीडिएट वर्षिक परीक्षा, 2019 की व्यवहृत उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन एवं परीक्षा से सम्बंधित अन्य गोपनीय कार्यों के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा शिक्षकों की सूची समिति की वेबसाइट पर update करने के लिए इंटरमीडिएट स्तर के शिक्षण संस्थानों के प्रधान को निदेश दिया गया था. समिति द्वारा शिक्षण संस्थानों के प्रधान को शिक्षकों की सूची online update करने के लिए 22.07.2018 से 31.10.2018 के बीच कुल 4 बार अवसर प्रदान किया गया.

इस सम्बंध में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति  के अध्यक्ष आनन्द किशोर ने बताया कि समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए इस अवसर के बावजूद भी कुल 35 अंगीभूत महाविद्यालयों/डिग्री सम्बद्ध महाविद्यालयों तथा +2 उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधान द्वारा अपने महाविद्यालय/+2 विद्यालय के शिक्षकों की सूची अब तक समिति को उपलब्ध नहीं कराई गई है.

समिति द्वारा पत्रांक BSEB (SS)/KEN/403/2018 दिनांक 28.10.2018 द्वारा इन शिक्षण संस्थानों को यह निदेशित किया गया था कि शिक्षकों की सूची उपलब्ध नहीं कराने पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (उच्च माध्यमिक) सम्बद्धता विनियमावली 2011 (यथा संसोधित) की कंडिका 15 (3) (VIII) में उल्लेखित प्रावधान के अंतर्गत सम्बन्धित विद्यालयों के आगामी सत्र से नामांकन पर रोक लगाने तथा विद्यालय की मान्यता/सम्बद्धता को निलंबित करने/वापस करने के सम्बंध में कार्रवाई करने के सम्बंध में सूचित किया गया था.

इसके बावजूद भी इन शिक्षण संस्थानों द्वारा सूची उपलब्ध नहीं कराई गई. परिणामस्वरूप सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति को अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार द्वारा पत्र के माध्यम से दिनांक 15.12.2018 तक ऑनलाइन मोड में शिक्षकों की सूची अपलोड कराने के सम्बंध में पत्र लिखा गया था. शिक्षण संस्थानों के प्रधान को अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग एवं समिति के अध्यक्ष द्वारा निर्गत संयुक्त विज्ञप्ति के माध्यम से दिनांक 15.12.2018 तक शिक्षकों की सूची को ऑनलाइन मोड में निश्चित रूप से उपलब्ध कराते हुए तथा अपना स्पष्टीकरण देने का निदेश दिया गया.

उक्त निदेशों के बावजूद भी राज्य के 35 अंगीभूत महाविद्यालयों, डिग्री सम्बद्धता प्राप्त महाविद्यालयों/+2 उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधान द्वारा अपने विद्यालय के शिक्षकों की सूची न तो उपलब्ध कराई गई और न ही अपना स्पष्टीकरण दिया गया. ऐसे संस्थाओं की सूची नीचे pdf file में दिया गया है.

अध्यक्ष ने बताया कि इन शिक्षण संस्थानों द्वारा जान-बूझकर समिति को सूची उपलब्ध नहीं करायी गई. प्रतीत होता है कि या तो इस शिक्षण संस्थान में पठन-पाठन हेतु शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं या जानबूझकर समिति की अवहेलना करते हुए सूची उपलब्ध नहीं कराई गई. यह स्पष्ट रूप से बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (उच्च माध्यमिक) सम्बद्धता विनियमावली 2011 (यथा अद्यतन संसोधित) की कंडिका 11 (2) का उल्लंघन है.

उक्त 35 शिक्षण संस्थानों को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (उच्च माध्यमिक) सम्बद्धता विनियमावली 2011 (यथा अद्यतन संसोधित) की कंडिका 15 (3) (VIII) में उल्लेखित प्रावधान के तहत आगामी सत्र से इन शिक्षण संस्थानों में नामांकन पर रोक लगाते हुए उक्त विद्यालयों की सम्बद्धता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

साथ ही यह भी सूचित किया जाता है कि 7 दिनों के अंदर जिन शिक्षण संस्थानों द्वारा अपना स्पष्टीकरण दिया जाएगा तथा शिक्षकों की सूची ऑनलाइन अपलोड तथा सूची की हार्डकॉपी समिति को उपलब्ध करा दी जाएगी, उनके नामांकन पर रोक एवं सम्बद्धता निलम्बन को वापस लेने पर समिति द्वारा विचार किया जाएगा. अगले 15 दिन में अपना स्पष्टीकरण नहीं देने तथा समिति की वेबसाइट पर शिक्षकों की सूची अपडेट नहीं करने पर शिक्षण संस्थानों की सम्बद्धता को निरस्त कर दिया जाएगा. यह भी उल्लेखनीय है कि समिति द्वारा दो दिन पूर्व ही शिक्षकों की सूची नहीं उपलब्ध कराने के कारण मैट्रिक की शिक्षा प्रदान करने वाले कुल 16 शिक्षण संस्थानों की सम्बद्धता को निलंबित कर दिया गया है, जिसकी सूची सलंग्न है.

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