बिहार में लगा है ‘शराब पीकर गाड़ी चलाएं’ का बोर्ड, देख लें

जमुई (राजेश कुमार) : लक्ष्मीपुर प्रखंडक्षेत्र स्थित एनएच 333 A पर ठाढी मोड़ के समीप सड़क किनारे लगा एक ग्रीन बोर्ड आजकल मजाक बनकर रह गया है. उस मार्ग से गुजरने वाले लगभग हर यात्री की नजर उस बोर्ड पर पड़ ही जाती है और उस पर लिखा संदेश उन्हें चौंका देता है. फिर मामला समझते ही मंद मुस्कान के साथ यात्री आगे निकल लेते हैं. लेकिन चंद वक्त तक बोर्ड पर उनके द्वारा पढ़ा गया संदेश उनके बीच चर्चा का विषय बना रहता है. दरअसल किसी सिरफिरे की करतूत ने उक्त ग्रीन बोर्ड पर लिखे संदेश के मतलब को बिगाड़ दिया है. बोर्ड सरकारी है और बोर्ड पर साफ शब्दों में लिखा है कि ‘शराब पीकर गाड़ी चलाएं’.

बोर्ड में लिखे संदेश को देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि उक्त बोर्ड बिहार में लागू हुई शराबबंदी से पूर्व का है और मौजूदा समय में आम लोगों के साथ-साथ संबंधित विभाग के अधिकारी भी उसे हल्के में ले रहे हैं. शराबबंदी के बाद एनएच जैसे मुख्यमार्ग पर सरकार द्वारा पूर्व में लगाया गया बोर्ड ही जब मजाक बन जाए तो उसे सुधारने या उसे वहां से हटाने की जिम्मेवारी किसकी बनती है. बोर्ड पर लिखे गए संदेश “शराब पीकर गाड़ी चलाएं” को सिर्फ सिरफिरे की करतूत कह कर टाला नहीं जा सकता.



सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से मुख्य सड़कों के किनारे लिखवाए गए संदेश जनहित व समाज को राह दिखाने के लिए होते हैं और इस पर संबंधित विभाग की नजर होनी चाहिए. बोर्ड का स्वरूप या उसकी लिखावट अगर बिगड़ या बिगाड़ दी जाए तो तत्काल उसे दुरूस्त करना या फिर उसे वहां से हटवा देनी चाहिए.

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मौजूदा वक्त में यह बात प्रसांगिक इसलिए भी है क्यूंकी उक्त स्थान से महज कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर शराबबंदी के सबसे बड़े पक्षधर सूबे के सीएम नीतीश कुमार का गुरूवार को कार्यक्रम है. कार्यक्रम को लेकर मुंगेर और जमुई दोनों जिलों के पदाधिकारी व्यस्त हैं और जाहिर तौर पर उनकी नजर भी उक्त बोर्ड पर पड़ी होगी. और संभव है छोटी बात समझ कर उसे नजरअंदाज भी कर दिया गया हो पर जरा सोंचिये सरकार के लोग ही किस तरह सरकार का मजाक बनते देख रहे हैं.