सासाराम के जजों को मिली ‘लाल सलाम’ की धमकी, सुरक्षा बढ़ी

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सासाराम (राजेश कुमार) : रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम के सिविल कोर्ट में शुक्रवार को न्यायालय की दीवार पर सटे एक धमकी भरे पोस्टर ने हडकंप मचा दिया. कचहरी में मुख्य द्वार के खुलते ही किसी ने पोस्टर चास्पाया था. जिला जज के संज्ञान में चस्पे पोस्टर की बात के आने पर आनन-फानन में सुरक्षाकर्मियों ने पोस्टर को कब्जे में ले न्यायालय प्रशासन के सुपुर्द किया. तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गयी. न्यायालय प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए तमाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित पटना उच्च न्यायालय को भी अवगत कराया गया है. चस्पे पोस्टर को ले एकाएक न्यायालय की सुरक्षा बढ़ा दी गयी.

किसी कंप्यूटर से निकाले गए पोस्टर में लाल सलाम (मुट्ठी बंधे हाथ) का प्रतीक चिन्ह देते हुए उसमे जजों को जान की धमकी की बात लिखी गयी है. विदित हो कि महज दो दिन पूर्व गत बुधवार को यहाँ के जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रभुनाथ सिंह की अदालत ने पूर्व में रहे डीएफओ संजय सिंह की हत्या के मामले में पांच नक्सलियों को सजा सुनाई थी. फैसले को ले खुफिया तंत्रों ने नक्सलियों के संभावित उत्पात को ले पुलिस विभाग को सतर्क किया था.

न्यालालय में आने जाने वालों की जांच करती पुलिस

जानकारों की माने तो सासाराम सिविल कोर्ट और मंडल कारा शुरू से ही नक्सलियों के निशाने पर रहे है. इसे ले पूर्व में भी न्यायालय की सुरक्षा की समय समय पर समीक्षा होती रही है. हाल के वर्षों में कचहरी के पास दो दो बार हुयी बम विस्फोट की घटनाओं के बाद राज्य मुख्यालय से आई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की टीम ने न्यायालय परिसर की घेराबंदी कराने, जगह जगह सीसीटीवी कैमरा लगाने, गेट पर मेटल डिक्टेकटर लगाने जैसे कई सुझाव दिए थे.

चस्पा पोस्टर

उन सुझावों में महज गेट पर मेटल डिक्टेकटर लगाने के सिवाय कोई इन्तेजाम आज तक नहीं किये जा सके. बताते है, पटना हाई कोर्ट की पहल पर न्यायालय परिसर के चिन्हित स्थलों के अलावे न्यायालय और कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव डेढ़ वर्षों से यू ही लटका हुआ है. गेट पर लगे मेटल डिक्टेकटर का हाल है कि वह अक्सर बिगड़ा ही रहता है. न्यायालय के गेट पर बेतरतीब लगाये जामे वाले दोपहिया वाहनों से भी सुरक्षा को बड़ा खतरा माना जाता है.

आज की घटना पर न्यायालय प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि इसे गंभीरता से लेते हुए स्थानीय थाना सहित डीएसपी, एसपी, डीआईजी, आईजी व डीजीपी को पत्र भेजा जा रहा है. साथ ही साथ पटना हाई कोर्ट को भी इससे अवगत कराया गया है.

इस घटना को ले एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि पुलिस ने इसे काफी गंभीरता से लिया है. पहले से भी न्यायालय की सुरक्षा में पुलिस कर्मियों की तैनाती रहती थी. अब और भी सख्ती बढ़ा दी गयी है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को न्यायालय की सुरक्षा की जवाबदेही सौंपी गयी है. पोस्टर के वजूद को ले जांच शुरू कर दी गयी है. पोस्टर की वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई जायेगी.

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