पटना : शौचालय घोटाला मामले में पटना पुलिस की एसआईटी को बड़ी सफलता मिली है. 14 करोड़ से अधिक के इस घोटाला के कर्ता-धर्ता और साथ देने वाले 2 मुख्य आरोपियों को एसआईटी ने अरेस्ट कर लिया है. इस केस के मुख्य आरोपी और पीएचडी का फरार एग्जिक्यूटिव इंजीनियर विनय कुमार सिन्हा अरेस्ट कर लिया गया है.

पटना से फरार होने के बाद विनय कुमार सिन्हा आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में जा कर छिपा था. इसके बाद ये उत्तर प्रदेश के देवरिया आया. यहां से इसके छिपे होने की सूचना मिलते ही एसएसपी मनु महाराज की टीम देवरिया जा पहुंची और उसे अरेस्ट कर लिया.

विनय कुमार सिन्हा 100 करोड़ से अधिक की संपति का मालिक है. इस मामले में दूसरी गिरफ्तारी नवादा के एनजीओ आदि शक्ति सेवा संस्थान के ट्रेजर उदय सिंह को पटना में होटल मौर्या के पास से अरेस्ट किया. इस केस में अब तक कुल 21 अरेस्टिंग हो चुकी है. इन दोनों के पहले एसआईटी बिटेश्वर राय और उदय की बहन समेत कुल 19 घोटालेबांजों को अरेस्ट कर जेल भेज चुकी है.

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मालूम हो कि शौचालय घोटाला के मास्टरमाइंड पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता विनय कुमार सिंह और रोकड़पाल बिटेश्वर प्रसाद हैं. इन दोनों ने ही योजना बनायी और शौचालय निर्माण की 14 करोड़ 37 लाख की राशि गबन कर ली. घोटाले के इस खेल में एनजीओ आदिशक्ति सेवा संस्थान का सहारा लिया गया. कार्यपालक अभियंता विनय के निर्देश पर बिटेश्वर ने एनजीओ आदि शक्ति सेवा संस्थान बनवाया और फिर इसके बाद शौचालय के नाम पर पैसा आदि शक्ति सेवा संस्थान के खाते में डाला जाने लगा.