बोले चिराग पासवान- चुनाव जीतता हूं तो शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में करूंगा काम

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार में लोकसभा चुनाव को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. पहले चरण के लिए आज सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है. बिहार में पहले चरण में कुल चार लोकसभा सीटों पर मतदान हो रहे हैं. बिहार में नवादा, औरंगाबाद, जमुई और गया लोकसभा सीट पर मतदान हो रहे हैं. चारों सीटों पर सुबह सात बजे से ही मतदाता वोटिंग के लिए जुट रहे हैं. इस दौरान लाइव सिटीज से बातचीत में चिराग पासवान ने अपनी राय दी है.

चिराग पासवान ने कहा कि अच्छा फील कर रहा हूं. और विश्वास है अपने पिछले पांच साल के किये कार्यकाल पर जिस तरह से लोगों के बीच रहा, कई योजनायें हैं जिनको धरातल पर उतारा. नीति आयोग ने मेरे काम को सराहा. उन्होंने कहा कि देश में जितने जिले हैं उनमे से पांच ऐसे जिले हैं जो सबसे ज्यादा विकास का कार्य कर रहे हैं. उसमें हमलोगों का जमुई शामिल है. तो यह तमाम बातें हैं जो मेरा विश्वास बढ़ाती हैं. और जिस तरीके से जनसंपर्क इस चुनाव कैम्पेन के दौरान लोगों का उत्साह देखने को मिल रहा है यह तमाम बातें मेरा विशवास बढ़ाती हैं कि परिणाम 2014 से बेहतर होगा.

फिल्मों और राजनीति में सबसे ज्यादा टफ तो फ़िल्में ही रहीं हैं मेरे लिए क्यूंकि मेरे सात पुश्तों में से कोई भी फिल्मों से जुड़ा नहीं था. सहज महसूस नहीं करता था वहां पर. राजनीति मेरे रगों में है, खून में है, सहजता से आती है. इसीलिए अच्छा प्रदर्शन यहां पर कर पा रहा हूं.

जमुई को अभी विकास की राह पर और आगे लेकर जाना है. मुझे ख़ुशी है की पिछले 5 सालों में कई ऐसे कार्य हुए हैं शिक्षा, स्वास्थ्य, विभिन्न ऐसे सेक्टर हैं जहां पर कार्य हुआ है. 99 से 9वें पायदान पर आज जमुई आया है यह मेरे लिए उत्साहवर्धक है. लेकिन 9वें से पहले पायदान पर इसको लेकर जाना है. इसके लिए अभी काफी कार्य करने बाकी हैं.

चिराग ने आगे कहा कि अगर चुनाव जीतते हैं तो मेरी प्राथमिकता यह रहेगी लोग यहां पर निवेश करें, यहां पर फैक्ट्री आए. मैं चाहता हूं कि यहां के लोगों को यहां पर रोजगार मिले. लोगों के अंदर इस बात का डर रहा है कि यह एक नक्सलप्रभावित इलाका है. इसको लेकर लोग कहीं ना कहीं असुरक्षा महसूस करते हैं. पांच साल पहले यहां बिजली नहीं थी, शिक्षा का अभाव था. अब विकास हुआ है.

पहली प्राथमिकता यह होगी की यहां फैक्ट्री खुले, दूसरी शिक्षा के क्षेत्र में की यहां पर यूनिवर्सिटीज खुले, खासकर महिला कॉलेज खुले, पीजी की पढ़ाई शुरू होनी चाहिए. तो शिक्षा और रोजगार के फैक्ट्री यह दोनों मेरी प्राथमिकता होगी.

चुनाव को लेकर चिराग ने कहा कि स्वाभाविक है कि जब कोई भी परीक्षा होती है तब घबराहट होती है, होनी भी चाहिए. धकधक है थोड़ी है लेकिन विश्वास है की परिणाम 2014 से बेहतर ही होगा.

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