दिल्ली के बाद अब नार्थ ईस्ट में बढ़ी बिहार के दूध-दही की डिमांड

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क (अजीत): वर्ष 2002 में बिहार के बंटवारे के समय वर्ष 2002 में बिहार के बंटवारे के समय खनिज संपदा झारखंड में चले जाने के बाद बिहार में कृषि आधारित आय के स्रोत बढ़ाने में सुधा डेयरी का अहम योगदान रहा है. अपने स्थापना काल वर्ष 1981 के बाद लगातार किसानों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने में जुटा सुधा डेयरी 1 लाख 10 हजार से अधिक किसानों को सीधे रोजगार से जोड़कर आय बढ़ाने का काम कर रही है.

नेपाल में 40 हजार लीटर दूध सुधा उपलब्ध कराती है. मध्यप्रदेश दिल्ली में भी सुधा के प्रोडक्ट्स उपलब्ध है. अमूल को भी पटना डेयरी का सुधा दूध उपलब्ध कराती है.

बता दें कि इसके पहले कॉम्फेड ने दिल्ली और एनसीआर के लोगों के लिए सुधा ब्रांड के दूध और मिठाइयां लांच की थी. शुरुआती दौर में दिल्ली में कंपनी दो लाख लीटर दूध रोजाना बेचने का प्रयास करेगी. कंपनी को मिठाइयों के भी भारी ऑर्डर मिलने लगे थे. दूध और मिठाइयों के साथ कंपनी ने यहां के बाजार में देसी घी की बिक्री शुरू कर दी थी.

हालांकि आपको बता दें कि अभी मकर संक्रांति आने वाली है. इसको लेकर दूध की बिक्री में अभी से इजाफा हो गया है. लोग पहले से ही दूध को इकट्ठा कर रख रहे हैं ताकि संक्रांति के दिन लोग इसका भरपूर फायदा उठा सकें.

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