Hi-Tech होता पटना का यूथ : फेसबुक पुरानी बात, अब ‘Tinder’ पर खोज रहे पार्टनर

पटना : सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर दोस्त बनाने अब बीते जमाने की बात हो गई है. आजकल के युवा लोकेशन बेस्ड डेटिंग ऐप के जरिये अपने साथी की तलाश कर रहे हैं. इस काम में अब पटना का युथ भी पीछे नहीं है. राजधानी में अब स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले युवाओं से लेकर सिंगल प्रोफेशनल भी जमकर वीचैट, ट्रूली मैडली या टिंडर जैसे डेटिंग ऐप के सहारे अपन पार्टनर खोजने और लव लाइफ को एन्जॉय करने में लगे हैं.

दरअसल टिंडर जैसे ऐप आपकी करंट लोकेशन के आधार पर आपके शहर, मोहल्ले या पास-पड़ोस में रहने वाले आपकी ही तरह डेटिंग में इंटरेस्टेड सिंगल्स की जानकारी देते हैं. इसके लिए आपकी बस इन ऐप्स को डाउनलोड करना होता है, फिर उसमें कुछ जरुरी जानकारियां डालकर अपनी प्रोफाइल बनाएं और फिर आप बस एक क्लिक पर अपनी लोकैलिटी में मौजूद ऐसे किसी भी इंसान से, बिना अपनी निजी जानकारी शेयर किये डेट करने के लिए तैयार हैं.

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इस बारे में लाइव सिटीज से बात करते हुए टिंडर यूजर चंदन बताते हैं कि उन्होंने अपने किसी दोस्त के कहने पर इसका इस्तेमाल शुरू किया था. पटना यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे चंदन को टिंडर पर पटना में ही रहनेवाली श्रुति (बदला हुआ नाम) मिलीं. पिछले 6 महीने से डेटिंग कर रहे इस कपल का कहना है कि इन ऐप्स की सबसे खास बात यह है कि आप बिना अपना मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी जैसी पर्सनल जानकारी शेयर किए जिससे चाहे उससे बात कर सकते हैं और मुलाक़ात भी कर सकते हैं. यहां आप किसी से सीरियस रिलेशनशिप बनाने से पहले 3-4 या जितने चाहें उतने ‘कैंडिडेट्स’ को ‘चेक’ कर सकते हैं.

पटना में रहकर ही मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी कर रही श्रुति ने बताया कि दोस्त बनाने के लिए फेसबुक का इस्तेमाल अब बोरिंग सा लगता है. उनका कहना था कि ‘आज मोबाइल प्लेटफॉर्म पर कई ऐसे ऐप्स हैं जहां आप झटपट अपने पार्टनर की तलाश कर सकते हैं.’

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श्रुति की दोस्त शिखा सिन्हा जो एक प्राइवेट कंपनी में काम करती हैं, का कहना था कि वो करीब 3 महीने से टिंडर का इस्तेमाल कर रही हैं. हालांकि उन्हें अबतक कोई ऐसा नहीं मिला जिसे अपना बॉयफ्रेंड बना सकें, लेकिन उन्होंने कई ‘अच्छे दोस्त’ जरूर बनाये हैं. शिखा आगे बताती हैं कि इनमें लड़के और लडकियां दोनों शामिल हैं. वो अक्सर वीकेंड्स पर मिलकर फिल्म देखते हैं या रेस्टोरेंट्स में पार्टी करते हैं.

रिलेशनशिप बनाने के लिए इन ऐप्स का इस्तेमाल तो जमकर हो रहा है मगर साथ ही यहां भी कई खतरे हैं. जैसे फेक प्रोफाइल्स. पटना में ही रहनेवाले मार्केटिंग प्रोफेशनल और फेसबुक के जरिये अपने गर्लफ्रेंड से मिले 30 वर्षीय संजय सिंह ने बताया कि रिस्क हर जगह होता है. उन्होंने कहा कि फेसबुक पर तो फेक प्रोफाइल के किस्से आम हैं. बताने को तो कई लोग टिंडर जैसे ऐप्स पर भी अपनी उम्र और प्रोफेशन को लेकर झूठ बोलते हैं. लेकिन यहां हमेशा ही आपके पास ऐसे लोगों को ब्लॉक करने का ऑप्शन रहता है.

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