लाइव सिटीज, मुंगेर से सुनील जख्मी : कोतवाली थाना क्षेत्र के मुर्गियाचक के पास तीन वर्षीय बच्ची बोरवेल में गिर गई. बोरवेल में गिरने से परिजनों में कोहराम मच गया. आनन-फानन में परिजनों ने पहले उसे निकालने की कोशिश की, फिर असफल रहने पर पुलिस और प्रशासन को जानकारी दी गई. मिली ताजा जानकारी के अनुसार बच्ची को निकालने के लिए जेसीबी की मदद से बगल में एक गड्ढा किया जा रहा है. बच्ची करीब 35 फ़ीट की गहराई में फंसी हुई बतायी जा रही है.

बता दें कि उक्त बच्ची सोनू उर्फ़ सना अपने नाना उमेश नंदन साव के पास 1 सप्ताह पूर्व ही आई थी. सना के पिता नचिकेता PNB बैंक कर्मी  हैं जो वीर कुंवर सिंह कॉलोनी बासुदेवपुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं. नाना ने घर के बाहर वाले कमरे में 4 दिन पूर्व ही बोरवेल लगवाया था. बोरवेल के पाइप  के चारों ओर एक फ़ीट की जगह, जिसमें कंक्रीट डाला जाता है, उसे ढका नहीं गया था.  उसी में  बच्ची आज अचानक शाम 4:00 बजे खेलते-खेलते गिर गई.

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फिलहाल मुंगेर के कमिश्नर पंकज पाल, एसपी गौरव मंगला, डीडीसी रामेशवर पण्डे, एसडीओ खग्रास चंद्र झा तथा तमाम वरीय पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं. बाहर से पाइप के माध्यम से ऑक्सीजन भेजा जा रहा है. सदर अस्पताल के डॉक्टर फैज सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पल पल की मॉनिटिंग कर रहे हैं. उनके अनुसार अभी बच्ची की स्थिति ठीक है.

बोरवेल में बच्ची के बाद एक मग भी गिरा था, जिससे बच्ची की निगरानी के लिए लगाए गए CCTV में मग ही दिख रहा है. उसके नीचे बच्ची के होने का अंदेशा लगाया जा रहा है. फ़िलहाल मग को भी बाहर निकालने की कोशिश जारी है. मौके पर एनडीआरएफ की टीम ने पहुंच कर रेस्क्यू ऑपरेशन अपने हाथ में ले लिया है.

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काम कर रहे कारीगरों का कहना है कि बोरिंग के लिए 225 फ़ीट गहरा गड्ढा किया गया है. बच्ची करीब 50 फीट नीचे गड्ढे में फंसी हुई है. बच्ची को बाहर निकालने के लिए कई बार बोरिंग के भीतर रस्सी डाला गया. लेकिन रस्सी पकड़ने पर जब बच्ची को ऊपर की ओर खींचा जाता था तो वह कुछ ही दूर पर आकर फंस जाती थी और रस्सी से उसका हाथ छूट जाता था.