सृजन घोटाले में एक और मामला दर्ज, 14वें मामले में 8 को बनाया गया है अभियुक्त

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार के बहुचर्चित सृजन घोटाले में सीबीआई ने एक और प्राथमिकी दर्ज करायी है. इसमें 8 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है. अभियुक्तों में बैंक के पूर्व अधिकारी, सृजन महिला विकास समिति के अधिकारी व अन्य शामिल हैं. इन सबके खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, विश्वास का उल्लंघन, धोखाधड़ी और बहुमूल्य सुरक्षा की जालसाजी के तहत मामला दर्ज किया गया है. अब तक इस घोटाले में सीबीआई की ओर से कुल 14 मामले दर्ज किये जा चुके हैं.

10 नवंबर 2017 को सीबीआई की ओर से पहली बार एक साथ दो मुकदमे दायर किये गये थे. इनमें जिला कल्याण पदाधिकारी अरुण कुमार, भागलपुर स्थित बड़ौदा बैंक के प्रबंधक मोहम्मद सरफ़राजउद्दीन, सृजन की प्रबंधक सरिता झा और कर्मचारी इंदु गुप्ता शामिल हैं. बता दें कि अरुण, इंदु और सरफ़राजउद्दीन फ़रार चल रहे हैं, वहीं सरिता फिलहाल जेल में हैं. इन लोगों के खिलाफ जिला कल्याण कार्यालय के 6 करोड़ के गबन का मामला है, जो सृजन के खाते में डाल कर बंदरबांट किया गया था.

बता दें कि शुरू में यह मामला भागलपुर से उजागर हुआ था. इसके बाद बांका और सहरसा जिला से भी तार जुड़ता चला गया. सभी मामलाें में सरकारी पैसे के अवैध तरीके से सृजन संस्था के खाते में ट्रांसफर कर निकासी की गयी थी. अब तक की जानकारी के मुताबिक, अकेले भागलपुर में करीब 2000 करोड़ से अधिक के अवैध निकासी की गयी है.

सृजन घोटाले की जांच पहले आर्थिक अपराध यूनिट ने शुरू की थी. मामले के राजनीतिक तूल पकड़ने पर बिहार सरकार ने सीबीआई से जांच की अपील की थी. इसके बाद सीबीआई ने जांच शुरू की. बता दें कि सृजन एक एनजीओ है. सृजन महिला विकास सहयोग समिति की स्थापना 1996 में हुई. कहने के लिए संस्था ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, नैतिक, शैक्षणिक विकास के लिए काम करती है. इसका कार्यक्षेत्र भागलपुर जिले के सबौर, गोराडीह, कहलगांव, जगदीशपुर, सन्हौला समेत 16 प्रखंडों तक फैला है. इसका उद्देश्य संगठनात्मक कार्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्वरोजगार, बचत व साख, उत्पादन व मार्केटिंग, साक्षरता, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में काम करना था, लेकिन संस्था इसकी आड़ में सरकारी फंड का बैंक की मिलीभगत से अपने खाते में लाकर उसका दुरुपयोग कर रही थी. जांच के पहले तक संस्था दावा कर रही थी कि वह गांव की महिलाओं को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाती है.

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