राजद के बंद का शहर में रहा मिलाजुला असर, पूर्व मंत्री व विधायक समेत वरिष्ठ नेताओं ने किया सड़क जाम

लाइव सिटीज डेस्क (समस्तीपुर):  राष्ट्रीय जनता दल के आह्वान पर बिहार बंद का आज समस्तीपुर शहर में मिलाजुला असर देखा गया. हालांकि कुछ घंटों के लिये शहर की दुकानें बंद देखी गयीं. लेकिन दिन के 12 बजे के बाद सभी फिर खुलती चली गयीं. बंद का ज्यादा असर सड़क मार्ग पर देखा गया. शहरी क्षेत्र से लेकर गांवों तक राजद कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्य रूप से सड़क जाम कर राज्य सरकार के विरोध में नारे लगाये गये. शहर में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक आलोक मेहता, समस्तीपुर क्षेत्र के विधायक अख्तरूल इस्लाम शाहीन समेत वरिष्ठ नेता एवं सभी स्तरों के कार्यकर्ताओं ने सुबह 9:00 बजे से झंडा एवं बैनर के साथ राज्य सरकार के विरोध में नारे लगाते हुये पूरे बाजार के चक्कर लगाया.

सभी नगर थाने के पास ओवर ब्रिज के पास समस्तीपुर-दरभंगा एवं समस्तीपुर-पटना मुख्य मार्ग को लगभग दो घंटों तक जाम कर एक नुक्कड़ सभा का भी आयोजन किया. सभा को संबोधित करते हुये वक्ताओें ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीतियों को लेकर आज पूरा बिहार त्रस्त हो गया है. गरीब गुरबों को रोजी-रोजगार को समाप्त कर दिया गया है.



राजद ने किया बिहार बंद

आपराधिक घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है. विकास के नाम पर घोटालेबाजों द्वारा सरकारी खजाने की लूट की जा रही है. सरकार के मुखिया नीतीश कुमार की इन सभी बातों में भागीदारी हो रही है. वक्ताओं ने यह भी कहा कि बालू एवं गिट्टी नीति के विरोध में कई दिनों से पूरे बिहार का चक्का जाम है. फिर भी सरकार मौन धारण किये हुये है.

इधर, जितनी देर शहर में जाम की स्थिति बनी रही. शहर का यातायात बिल्कुल ठप पड़ा रहा. सभा समाप्ति के बाद स्वतः सड़क जाम समाप्त कर दिया गया. इसमें मुख्य रूप से पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता, विधायक अख्तरूल इस्लाम शाहीन, रामाश्रय सहनी, रामचंद्र सिंह निषाद, फैजूल रहमान फैज, विनोद राय, विजय कुशवाहा, जिला पार्षद संजीव राय, विपिन सहनी, मुकेश कुशवाहा, शिवम यादव, नागमणी राय, अनिल कुशवाहा, चंदन कुशवाहा एंव ज्ञाणी झा आदि शामिल थे.