तो क्या राहुल गांधी के ‘सुहागरात’ पर भी BJP को ऐतराज होगा!

पटना: राजनीति कभी भी उन बातों का मुद्दा नहीं बनाया जाता, जिसे बनाया जाना चाहिए, अलबत्ता उन बातों पर खूब चिल्ल—पों मचती है जो दरअसल कोई मुद्दा ही नहीं होता. संबंधित राजनेता की बखिया उधेड़ी जाती है और सोशल मीडिया उसकी खूब छीछालेदर की जाती है. उसकी निजी जिंदगी में तांकझांक की जाती है और नैतिकता, आचार—व्यवहार की घुट्टी पिलाई जाती है. ताजा मामला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के फिल्म देखने को लेकर है. गुजरात का हाई वोल्टेज ड्रामा से सराबोर चुनाव अभी—अभी संपन्न हुआ है. चुनाव की भगमभाग से फारिग होकर राहुल गांधी फिल्म देखने क्या चले गए भाजपा ने इसे मुद्दा बना लिया. मानो राहुल ने किसी अनैतिक काम को अंजाम दे दिया हो या उनकी कोई सेक्स सीडी भाजपा के हाथ लग गई हो. या फिर किसी भाजपाई ने कभी कोई फिल्म देखा ही न हो.

राहुल गांधी

बीजेपी गुजरात इलेक्शन के नतीजों के बाद राहुल गांधी के फिल्म देखने को मुद्दा बना रही है. आप चाहें तो इसे ‘पोस्ट इलेक्शन टग आॅफ वार’ कह सकते हैं. कहने का सीधा मतलब है चुनाव के वाद भी विवाद बदस्तूर कायम है. और इस बहाने राहुल निशाने पर हैं. भाजपा हमेशा की तरह उनपर हमलावर है. भाजपा ने एक तरह से उन पर तंज कसा है कि पार्टी की दो प्रांतों में हार के बाद भी वह हार पर गंभीर मंथन करने की बजाय फिल्म देखने में मशगूल रहे.



यह दर्शाता है कि वह पार्टी संबंधी मुद्दों को लेकर कितने लापरवाह हैं. अब जब हमला हुआ है तो जवाबी हमला भी स्वाभाविक ही है. विपक्ष की ओर से मोर्चा संभाला है समाजवादी पार्टी नेता नरेश अग्रवाल ने. उन्होंने भाजपा को टार्गेट करते हुए लिखा है कि ”बीजेपी की इतनी संकीर्ण सोच क्यों है? यह किसी की पर्सनल लाइफ में दखल देने जैसा है. अगर कोई उस दिन अपनी सुहागरात मना लेता तो क्या उस पर भी भाजपा को आपत्ति होती और यह सवाल पूछा जाता वह ऐसे मौके पर सुहागरात क्यों मना रहा है?’

प्रधानमंत्री मोदी

इस बहस में जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला भी कूद पड़े हैं. गौरतलब है कि उमर के पिता फारूक अब्दुल्ला भी अपने बयानों को लेकर हाल के दिनों में काफी विवादों में बल्कि यूं कह लें कि चर्चा में रहे हैं.  उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री मोदी के साल 2013 के ट्वीट का रेफ्रेंस देते हुए लिखा है, ‘बहुत अच्छा… हर किसी को ऐसी चीजों के लिए टाइम निकालना चाहिए. कोई मूर्ख ही आपके कभी—कभी फिल्म देखने का विरोध करेगा.’

आपको बता दें कि साल 2013 के ट्वीट में प्रधानमंत्री ने लिखा था, ‘गुजरात के सभी विधायकों और उनके परिवार के साथ आईमैक्स 3 डी थिएटर में फिल्म देखने जा रहा हूं.’ इशारा साफ है कि पीएम फिल्म देखें तो सदाचार और दूसरे देखें तो अनाचार! ऐसा कैसे संभव है?

यह है मामला
खबरों के मुताबिक गुजरात और हिमाचल के नतीजों के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने कुछ बेहद करीबी लोगों के साथ हॉलीवुड फिल्म ‘स्टार वॉर्स’ देखने गए थे. लेकिन जब बाद में उन्हें लगा कि यह बड़ा मुद्दा बन सकता है तो वह फिल्म बीच में ही छोड़कर निकल गए.
इसी के बाद बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा था कि गुजरात भूल जाइए, कांग्रेस हिमाचल भी हार गई और राहुल गांधी ‘स्टार वॉर’ देखने में बिजी थे.

‘बीजेपी के बुरे दिन शुरू, राहुल के नेतृत्व में एकजुट हो विपक्ष’

उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा, ‘अगर राहुल गांधी सिनेमा छोड़कर गुजरात और हिमाचल में पार्टी के प्रदर्शन का आकलन करते तो उन्हें पता चलता कि सौराष्ट्र में जहां कांग्रेस ने ज्यादा सीटें जीतीं, वहीं बीजेपी के वोट शेयर ज्यादा है.’