सहरसा में बिहार बंद का रहा आंशिक असर

सहरसा(मनीष सिंह) : राज्य सरकार कि नई बालू-खनिज नियमावली के विरोध में राजद द्वारा बिहार बंद का जिले में आंशिक असर देखने को मिला. गुरुवार की सुबह से ही राजद व जदयू शरद यादव गुट के नेता और कार्यकर्ताओं ने शहर के शंकर चौक पर बांस बल्ला लगाकर सड़क जाम कर दिया और राज्य सरकार के नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया. राज्य सरकार के नीतियों के खिलाफ आहुत राज्यव्यापी बंद का मिला जुला असर देखने को मिला. यातायात व्यवस्था पर भी बंद का आंशिक असर नजर आया.

राजद विधायक अरुण कुमार व जिलाध्यक्ष जफर आलम, जदयू शरद यादव गुट के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य धनिक लाल मुखिया ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गलत नीतियों के कारण निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है. सरकार की असमंजस वाली नीति से बालू गिट्टी की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि हो गयी है. चारों ओर लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. काम बंद होने से मजदूरों के समक्ष भुखमरी और रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है.



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काम धंधा नहीं मिलने के कारण मजदूरों का पलायन हो गया है. बंद समर्थकों नेताओं ने कहा कि बिहार सरकार गरीबों मजदूरों के पेट पर लात मार पर रही है. बालू गिट्टी संकट का सीधा असर गरीब लोगों पर पड़ रहा है. आयोजित बंद को सफल बनाने के लिए पूर्व जिलाध्यक्ष मो ताहिर, जिप उपाध्यक्ष छत्री यादव, रंजीत यादव, शिवशंकर विक्रांत, सुमन कुमार सिंह, कौशल यादव, ई निरंजन यादव, प्रो गीता यादव, रघुनाथ यादव, बजरंग गुप्ता, शेर अफगान मिर्जा, धीरेन्द्र यादव सहित अन्य मौजूद थे.