जम्मू-कश्मीर में छिपा है शौचालय घोटाला को अंजाम देने वाला विनय कुमार सिन्हा

पटना : 14 करोड़ रुपये से अधिक के शौचालय घोटाला को अंजाम देने वाला पीएचईडी का फरार एक्जक्यूटिव इंजीनियर विनय कुमार सिन्हा जम्मू—कश्मीर में छिपा है. पटना पुलिस की एसआईटी को इस बात के पुख्ता इनपुट्स मिले हैं. सोर्स से मिले इनपुट्स के आधार पर एसआईटी जम्मू—कश्मीर पहुंच भी चुकी है. टीम ने विनय की तलाश शुरू भी कर दी है. वहां के अलग—अलग इलाकों में एसआईटी की छापेमारी चल रही है.

गौरतलब है कि 3 नवंबर को गांधी मैदान में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही विनय कुमार सिन्हा पटना छोड़कर फरार हो गए थे. इनकी तलाश में अब तक कई जगहों पर एसआईटी छापेमारी कर चुकी है. अब तक इस घोटाले में मेन मास्टरमाइंड व कैशियर बिटेश्वर राय समेत कुल 10 घोटालेबाजों को एसआईटी गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.

घोटाले में मेन मास्टरमाइंड व कैशियर बिटेश्वर राय

टीम को लीड कर रहे सिटी एसपी सेंट्रल अमरकेश दारपीनेनी ने साफ कर दिया है कि विनय कुमार सिन्हा जल्द ही एसआईटी की गिरफ्त में होगा. इसकी तलाश तेज कर दी गई है.

नहीं मिल पा रहा है उदय सिंह का लोकेशन

नवादा की एनजीओ आदि शक्ति सेवा संस्थान के संचालक उदय सिंह को भी एसआईटी काफी खोज रही है लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी इसका लोकेशन एसआईटी को नहीं मिल पा रहा है. इस घोटाले में उदय सिंह और इसकी एनजीओ का भी अहम रोल रहा है. सबसे अधिक रुपये इसके बैंक अकाउंट में ही ट्रांसफर किए गए थे. इसी लिए मामले का खुलासा होते ही ये भी फरार हो गया. लगातार ये अपना ठिकाना बदल रहा है. जिससे इसे ट्रेस करने में एसआईटी को परेशानी हो रही है.

बड़े नाम का किया इस्तेमाल

एसआईटी की एक विंग घोटाले में शामिल 6 एनजीओ के रजिस्ट्रेशन, कागजात और उन्हें दिए गए बैंक चेक को खंगाल रही है. अब तक की जांच में ये बात सामने आई है कि उदय सिंह और बबिता कुमारी समेत सभी एनजीओ संचालकों ने बड़े और रजिस्टर्ड एनजीओ के नाम का इस्तेमाल किया. इनके एनजीओ के नाम को कोई रजिस्ट्रेशन है ही नहीं. सिटी एसपी सेंट्रल के अनुसार जांच के दौरान पता चला कि घोटाले में शामिल एनजीओ का अपना रजिस्ट्रेशन नहीं है. पहले से रजिस्टर्ड एनजीओ के नाम का इस्तेमाल कर रहे थे.

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