संदेह के घेरे में घायल गार्ड, मैनेजर से बिल्कुल अलग है उसका बयान

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पटना : धनरुआ के नीमा गांव में इलाहाबाद बैंक के कैश वैन से हुए 45 लाख रुपए के लूट मामले में पुलिस के शक की सुई अब उस गार्ड पर आ टिकी है, जो अपराधियों की गोली से घायल हुआ था. इसकी वजह है बैंक के ब्रांच मैनेजर का बयान, जो उन्होंने पुलिस को दिया है.

एसएसपी मनु महाराज की मानें तो ब्रांच मैनेजर ने 28 अगस्त की शाम ही सिक्योरिटी गार्ड को अगले दिन कैश लेकर जाने की बात की जानकारी दे दी थी. जबकि पुलिस की शुरूआती जांच के दौरान घायल गार्ड ने बताया था कि उसे कैश लेकर जाने की जानकारी 29 अगस्त यानी की वारदात वाले दिन ही दी गई थी. इन दोनों के अलग—अलग बयान से पुलिस का शक घायल गार्ड के उपर ज्यादा गहरा गया है.

शक की एक और वजह भी है. वो ये है कि जिस बोलेरो से कैश ले जाया जा रहा था, वो एक प्राइवेट गाड़ी थी. जिसे गार्ड ने ही बुक कराया था. हो सकता है कि गार्ड की इस पूरे मामले में अपराधियों के साथ सांठ—गांठ हो. लेकिन ये पुलिस की प्रोपर जांच में ही स्पष्ट हो सकेगा. एसएसपी के अनुसार बैंक के मैनेजर ने भी पूरे मामले में भारी लापरवाही बरती है.

नियम के अनुसार कैश ले जाने से महज चंद घंटे पहले ही कैश लेकर जाने वाले टीम को जानकारी दी जाती है. लेकिन मैनेजर ने गार्ड को एक दिन पहले ही इसकी जानकारी दे दी थी. इस कारण मैनेजर सहित बैंक के स्टाफ को डिटेन कर पुलिस पूछताछ कर चुकी है. संभावना है कि इन सभी से आगे भी पूछताछ होगी. सबसे बड़ी बात ये है कि पटना पुलिस ने लापरवाही बरतने वाले मैनेजर सहित 5 स्टाफ के खिलाफ इलाहाबाद बैंक एडमिनिस्ट्रेशन को कार्रवाई करने के लिए लिख दिया है.

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