नालंदा के फुटपाथ दुकानदारों ने दिया महाधरना, कहा बेवजह परेशान कर रही सरकार

नालंदा (संतोष कुमार) : अपने लंबित को लेकर नालंदा फुटपाथ दुकानदार अधिकार मंच की ओर से राजगीर के अनुमंडलीय कार्यालय के समक्ष गुरुवार को महाधरना दिया गया. इसके पूर्व दुकानदारों ने धुनीबर के पास से एक रैली निकाली. ये सभी दुकानदार अपनी मांगों के समर्थन में गगन भेदी नारा लगाते हुए अनुमंडल कार्यालय के पास पहुंच कर महाधरना में बदल गया. इस धरना की अध्यक्षता मंच संरक्षक उमराव प्रसाद निर्मल ने की. इस अवसर पर फुटपाथ विक्रेता कानून 2014 को लागू करने के बजाए सरकार द्वारा फुटपाथ दुकानदारों को बेवजह परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया गया. अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर से मंच का एक शिष्टमंडल मिलकर 6 सूत्री मांग पत्र सौंपा.

अनुमंडल पदाधिकारी ने नगर पंचायत राजगीर के नगर प्रबंधक को एक सप्ताह के भीतर फुटपाथ दुकानदारों को परिचय पत्र निर्गत करने का आदेश दिया. उन्होंने अन्य मांगों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया. मंच के समन्वयक अमित कुमार पासवान ने कहा कि सरकार पथ विक्रेता कानून लागू करने के बजाय फुटपाथ दुकानदारों को बेवजह परेशान करती है. उन्होंने पथ विक्रेता कानून लागू करने, वेंडर्स जोन बनाकर दुकानदारों को पुनर्वासित करने, सभी फुटपाथ दुकानदारों को परिचय पत्र एवं वेंडिग पत्र निर्गत करने और वेंडिंग कमेटी की नियमित बैठक करने की मांग प्रशासन से की है.



उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि मंच की मांगें अविलंब पूरा नहीं की गईं, तो राजगीर के फुटपाथ दुकानदार अनिश्चितकालीन महाधरना देने के लिए विवश होंगे. मंच के संरक्षक सह महाधरना के अध्यक्ष उमराव प्रसाद निर्मल ने कहा सरकार और प्रशासन फुटपाथ दुकानदारों के साथ सौतेला व्यवहार करती है. वह विशिष्ट अतिथियों के आगमन के नाम पर फुटपाथ दुकानदारों को तंग तबाह तो करती ही है, उनके रोजी-रोजगार से खिलवाड़ भी करती है. इसे कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

मंच के अध्यक्ष गोपाल भदानी ने कहा कि राजगीर के आकाशीय रज्जुमार्ग के पास फुटपाथ दुकानदारों को वन विभाग द्वारा अतिक्रमण के नाम पर क्षतिग्रस्त किया गया है. इससे दुकानदारों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है. उन्होंने ऐलान किया कि वन विभाग के उन पदाधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी. इस अवसर पर मंच के प्रवक्ता रमेश कुमार पान, सचिव विनोद कुमार चंद्रवंशी, वार्ड पार्षद बिरजू राजवंशी, बृजनंदन प्रसाद, अजय यादव, कारु यादव, मदन बनारसी, सरोज देवी, शंकर कुमार, सुरेंद्र चौधरी, मनोज यादव, राजू कुमार, विजय यादव, नंदकिशोर प्रसाद, संजू देवी, कृष्णा गुप्ता, रामदहिन पासवान समेत अनेक लोगों ने विचार व्यक्त किये.