रंग लाई Live Cities की मुहिम, रिहा हो गया नाबालिग विकास

विकास

पटना : पटना के एडीएम स्पेशल विरेन्द्र कुमार पासवान की गंदी करतूत को लाइव सिटीज उजागर किया था. 13 साल के मासूम को इन्होंने ए​क थाने से दूसरे थाने में घुमवाया, फिर पूरी रात थाने में कटवाई. इसके बाद उसे मजिस्ट्रेट के पास पेश करवा कर उसे रिमांड होम भिजवा दिया. शुरुआत से लेकर अब तक इस पूरे घटनाक्रम को लाइव सिटीज ने प्रमुखता के साथ उजागर किया था. लाइव सिटीज की मुहिम रंग लाई है और बुधवार की शाम नाबालिग विकास आर्या को रिहा कर दिया गया. उसे रिमांड होम से बाहर निकाल दिया गया है. इसके लिए मजिस्ट्रेट ने परमिशन दे दी. अब विकास अपनी मां और बहन के साथ घर आ गया है.

बेटे के रिमांड होम जाने के गम में मां बार—बार बेहोश हो रही थी. बेटे के बाहर आने के बाद उनके चेहरे की मुस्कुराहट फिर से वापस लौट आई है. फैमिली वालों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है. पटना के एडीएम स्पेशल की वजह से 13 साल के एक मासूम ने 48 घंटे से भी अधिक समय तक मा​नसिक परेशानी झेली है.



SSP देंगे रिपोर्ट, नहीं होगी चार्जशीट
विकास आर्या की रिहाई की पुष्टि एसएसपी मनु महाराज ने भी कर दी है. एसएसपी ने साफ कह दिया है कि इस पूरे मामले का सुपरविजन वो खुद करेंगे. इसकी रिपोर्ट वो खुद तैयार करेंगे. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट हम देंगे. बच्चे के खिलाफ किसी प्रकार की कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की जाएगी. एसएसपी ने माना कि ट्रैफिक थाने के एसएचओ शशि शेखर चौहान और एसआई विनय कुमार सिंह की वजह से पटना पुलिस की बदनामी हुई है. प्रकाश पर्व में व्यस्त होने के कारण उन्हें कुछ पता नहीं चला, वरना विकास के साथ ऐसा कुछ नहीं होने देते.
Exclusive : एडीएम ने दिखा दी बच्चे पर हनक, रात भर थाने में रख फिर भिजवा दिया रिमांड होम 
गौरतलब है कि मीडिया में रिपोर्ट आने के बाद ही एसएसपी मनु महाराज को इस पूरे मामले की जानकारी हुई. इसके बाद उन्होंने क्विक एक्शन लिया और विकास की रिहाई के लिए कारगर कदम उठाने का आदेश दिया. साथ ही थानेदार को सस्पेंड भी कर दिया. बता दें कि इसी मामले में पटना के डीएम संजय अग्रवाल ने एडीएम स्पेशल के खिलाफ जांच के आदेश दिये हैं.