जाे राज ठाकरे एक वक्त बिहारियों को देखना नहीं चाहते थे, वो आज वोट खातिर उनके शरण में जा रहे हैं

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: हिंदी भाषाओं पर शोषण करने वाले आज राज ठाकरे उनके कार्यक्रम में शामिल होने के लिए योजना बना रहे हैं. आपको बता दें कि उत्तर भारतीय खासकर बिहार और यूपी के लोगों के साथ मारपीट और कई आपत्तिजनक बयान देने वाले राज ठाकरे अब ऐसे उत्तर भारतीयों से संवाद स्थापित करने वाले हैं. इसको लेकर उन्होंने तिथि की घोषणा भी कर दी है.

मनसे प्रमुख उत्तर भारतीय महापंचायत के 2 दिसंबर को कांदिवली में आयोजित कार्यक्रम के जरिए उत्तर भारतीयों से सीधे संपर्क करेंगे. ये पहला मौका होगा जब राज ठाकरे किसी उत्तर भारतीय लोगों के सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. सूत्रों के मुताबिक महापंचायत के निमंत्रण को राज ठाकरे ने स्वीकार कर लिया है.

राज की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को (मनसे) उत्तर भारतीयों की घोर विरोधी मानी जाती है. पार्टी कार्यकर्ताओं ने कई बार उत्तर भारतीयों के साथ बदसलूकी करते देखे गए हैं. अब राज उन्हीं उत्तर भारतीयों से संपर्क करना चाहते हैं. ऐसे में राज ठाकरे के इस कदम के कई मायने निकाले जा रहे हैं.

राज ठाकरे के इस फैसले को आगामी चुनावों भी से जोड़कर देखा जा रहा है. कारण ये भी है कि मुबंई जैसी जगहों पर उत्तर भारतीय लोगों की अच्छी तादात है. महाराष्ट्र की कुर्सी दिलाने में ऐसे लोगों का अहम योगदान भी होता है. ऐसे में ठाकरे का ये कदम लोगों के बीच चुनाव से पहले अपनी छवि सुधारने की दिशा में देखा जा रहा है.

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