कीर्ति झा ने कहा- दरभंगा से ही लड़ूंगा लोकसभा चुनाव

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों में खींचतान शुरू हो गया है. प्रत्येक नेता अपनी सीट बचाने के चक्कर में लगे हुए हैं. आपको बता दें कि दरभंगा से सांसद कीर्ति झा आजाद ने एक बार फिर साफ किया है कि वे किसी भी सूरत में लोकसभा चुनाव दरभंगा सीट से ही लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे, इस बारे में अभी कुछ कह पाना मुश्किल है. वहीं, इस दौरान उन्होंने अलग मिथिलांचल राज्य की मांग दोहराई है. उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि मुझे बिहारी कहा जाता है, जबकि हम मिथिलांचलवासी हैं.

बीजेपी से निलंबित सांसद कीर्ति झा आजाद  ने कहा कि पार्टी ने उनके साथ अन्याय किया है. बीजेपी की मैंने कई वर्षों तक सेवा की. मैंने पार्टी नहीं छोड़ी है, बल्कि बिना गलती के मुझे पार्टी से निकाला गया है. उन्होंने कहा कि अगर भ्रष्टाचार उजागर करना बगावत है तो हां मैं बागी हूं, हजारों बार ऐसी बगावत करता रहूंगा.

वहीं, ‘नीच’ शब्द को लेकर नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा के बीच मचे घमासान पर कीर्ति ने कहा कि कुशवाहा बहुत ही सम्मानित व्यक्ति हैं. मैंने कहीं पढ़ा कि उन्हें नीच कहा गया है, ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिये, भाषा पर संयम होनी चाहिए. अगर नीतीश कुमार ने नीच नहीं कहा है तो अच्छी बात है. मैं व्यक्तिगत रुप से वैसे भी नीतीश कुमार का काफी सम्मान करता हूं. कीर्ति आजाद ने कहा कि 2005 से 2010 तक बिहार में जेडीयू- बीजेपी गठबंधन की सरकार काफी अच्छे से चली. आज परिस्थिति ऐसी है कि अस्पताल नहीं है, अस्पताल है तो डॉक्टर नहीं हैं, दवाई नहीं है और दवाई है भी तो वह एक्सपायरी दवाई है.

बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त पीएम मोदी ने बिहार को एक लाख 60 हजार करोड़ रुपए देने की बात कही थी. मैं पूछना चाहता हूं कि वह पैसा कहां गया? उन्होंने कहा कि जब मैं अपने क्षेत्र में जाता हूं तो लोग पूछते हैं  कि कालाधन वापस क्यों नहीं आया? 2 करोड़ रोजगार का क्या हुआ? 15 लाख रुपया हर व्यक्ति के बैंक अकाउंट में क्यों नहीं आया? स्मार्ट सिटी का क्या हुआ?

नोटबंदी के बाद कई लोगों की नौकरियां छूट गईं और वह सब वापस गांव आ गए, अगर साकारात्मक सवाल पूछा जाता है तो कहा जाता है कि आप देशद्रोही हैं और पाकिस्तान चले जाइये. उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि क्या हम लोगों के पास आलोचना करने का अधिकार भी नहीं है? क्या आलोचना करने का अधिकार उन्हीं लोगों को हैं जो सरकार में हैं और आलोचना उनका करना है जो विपक्ष  में हैं? कीर्ति आजाद ने कहा कि हम मिथिलांचल के रहले वाले हैं और मिथिलांचल वासी है, हमारी मांग है कि उत्तर बिहार के मिथिला को अलग राज्य बनाया जाए. उन्होंने कहा कि रामायण में भी इस राज्य का जिक्र है, लिहाजा सरकार हमारी मांगों पर अमल करे.

 

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*