मुजफ्फरपुर की शाही लीची का स्वाद चखेंगे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री, पूरे दुनिया में है मशहूर

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लाइव सिटीज डेस्क : मुजफ्फरपुर बिहार ही नहीं पूरे विश्व में लीची को लेकर मशहूर है. यहां की लीची देश-दुनिया के लगभग सभी भागों में जाती है. और गर्मी के महीनों में लोगों के खास पसंदीदा फल में लीची सबसे प्रचलित है. जिसे हर राज्य के लोग बड़े चाव से खाते हैं. मुजफ्फरपुर की शाही लीची देश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति के साथ-साथ अन्य वीआईपी लोगों को भी जिला प्रशासन के द्वारा गिफ्ट के रूप में भेजी जाती है.

राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री चखेंगे स्वाद

इस साल भी मुजफ्फरपुर की प्रसिद्ध शाही लीची का स्वाद देश के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री चखेंगे. जिले से प्रतिवर्ष शाही लीची राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास और बिहार के मुख्यमंत्री आवास भेजी जाती है. जिला प्रशासन इस वर्ष देश व राज्य के मंत्रियों व सांसदों सहित कई गण्यमान्य लोगों को लीची पहुंचाने में जुट गया है. डीएम मो. सोहैल ने लीची के क्रय, गुणवत्ता, पैकिंग व ट्रांसपोर्ट के लिए वरीय अधिकारियों की अलग-अलग टीम गठित की है.

भेजने की तैयारियां शुरू

जिले के एक अधिकारी ने बताया कि लीची बतौर उपहार दिल्ली भेजी जाती है, जो राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के अलावा अन्य विशेष राजनयिकों के बीच वितरित की जाती है. अधिकारी मुजफ्फरपुर के मीनापुर, बोचहां और कांटी क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों की बाग का दौरा कर लीची के नमूने संगृहीत करेंगे. उसके बाद अच्छी किस्म की शाही लीची के चयन के बाद उसकी पैकिंग कर भेजी जायेगी.

मुजफ्फरपुर में दो तरह की लीची

मुजफ्फरपुर में दो तरह की लीची पैदा होती है. जिसमें शाही लीची सबसे मशहूर है. शाही लीची की सबसे बड़ी खासियत यह है कि चाइना लीची के मुकाबले काफी बड़ी होती है और सबसे पहले पककर तैयार हो जाती है. हालांकि गर्म हवाओं और नमी नहीं होने के कारण शाही लीची का फल अकसर फट जाता है. ऐसे में वो चाइना लीची के आकार से थोड़ा छोटा होता है. वहीं चायना लीची मे फल फटने का खतरा नहीं रहता है. आम के महीने में चाइना लीची पूर्णतः पककर तैयार होती है. यह शाही लीची के मुकाबले अत्यधिक मीठी होती है.

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