टेंट सिटी में बना था पारस हॉस्पिटल का मिनी ICU, 59 सिख श्रद्धालुओं का हुआ इलाज

पटना: 350वें प्रकाश पर्व का शुकराना समारोह सोमवार 26 दिसंबर को संपन्न हो गया. सफल आयोजन के बीच पारस हॉस्पिटल ने भी वहां आये सिख श्रद्धालुओं की तकलीफ को दूर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.प्रकाश पर्व के शुकराना समारोह के लिए पटना के बाइपास टेंट सिटी में पारस एचएमआरआई सुपर स्पेशिलिटी हाॅस्पिटल के मिनी आईसीयू में 59 सिख श्रद्धालुओं का इलाज किया गया. यहां उनकी हालत स्थिर करने के बाद उन्हें पटना मेडिकल काॅलेज अस्पताल (पीएमसीएच) तथा इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (आईजीआइसी) रेफर किया गया. सभी मरीज डायबिटीज, बी.पी. और हार्ट की समस्या से ग्रस्त थे. किसी को सांस लेने में तकलीफ थी तथा किसी के सीने में दर्द था.

यह जानकारी देते हुए मिनी आईसीयू के इंचार्ज डाॅ. मो. शाहजादा ने बताया कि सरकार द्वारा खोले गये चिकित्सा शिविर से हमारे यहां इमरजेंसी मरीजों को भेजा जा रहा था. पंजाब से आयी महिला श्रद्धालु (62 वर्ष) हार्ट फेल्योर की बीमारी से परेशान थी तथा उनका बीपी भी बढ़ा हुआ था. पारस हाॅस्पिटल की मिनी आईसीयू में उनकी हालत को स्थिर किया गया और फिर एम्बुलेंस से उन्हें आगे के इलाज के लिए पीएमसीएच तथा आईजीआइसी रेफर किया गया. 45 साल की एक महिला का शुगर लेवल काफी कम हो गया था, बीपी भी बढ़ा था जिससे उन्हें सांस लेने में काफी तकलीफ थी. मिनी आईसीयू में उनका इलाज कर उन्हें आईजीआइसी तथा पीएमसीएच रेफर किया गया. 45 साल के एक पुरूष को मिर्गी हो गयी थी, वह बोल भी नहीं पा रहे थे. उन्हें गंभीर हालत में पारस की मिनी आईसीयू में भर्ती किया गया. बेहतरीन मेडिकल सुविधा पाने के बाद उन्हें पीएमसीएच रेफर किया गया.



पारस हॉस्पिटल के डॉक्टर

डाॅ. शाहजाद ने कहा कि पीएमसीएच तथा आईजीआइसी से पूरी तरह ठीक होकर लौटे दो श्रद्धालुओं ने कहा कि पारस हाॅस्पिटल की मिनी आईसीयू में इतनी अच्छी मेडिकल सुविधा हमें पंजाब में भी नहीं मिलती है जितनी हमे उपलब्ध करायी है. डाॅ. मो. शाहजादा ने बताया कि पारस की आइसीयू ने शुकराना महोत्सव में आये कई श्रद्धालुओं की जान बचाई.

पारस एचएमआरआई के फैसिलिटी डायरेक्टर डाॅ. तलत हलीम ने कहा कि हमने अपनी मिनी आईसीयू में दो वेंटीलेटर मशीन भी लगा रखी थी तथा मिनी आईसीयू 21 दिसम्बर से ही चल रही थी. शुकराना महोत्सव में हमने 59 श्रद्धालु मरीजों को अपनी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायी जिनमें कई बीपी, डायबटीज एवं हार्ट की समस्या से ग्रस्त थे. हमनें चिकित्सा शिविर में सिनियर डाॅक्टरों की ड्यूटी लगाई थी ताकि हम बेहतरीन स्वास्थ सेवाऐं श्रद्धालुओं की उपलब्ध करा सकें.