कैमूर: परशुराम सेना युवा वाहिनी ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर किया विरोध प्रदर्शन

कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे): कैमूर जिले में रविवार को राष्ट्रीय परशुराम सेना युवा वाहिनी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया गया. हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान का विरोध करते हुए तमाम कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. मुख्यमंत्री के द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए यह जानकारी दी गई थी कि दलित की हत्या होने पर उनके परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाएगी. जिसे लेकर पूरे बिहार में विरोध प्रदर्शन चल रहा है.

वहीं, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इससे दलितों के जान का खतरा बताया. उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने के बाद दलितों की हत्या का मामला बिहार में काफी बढ़ जाएगा. नीतीश कुमार के द्वारा चुनाव नजदीक देखते हुए यह दलित कार्ड खेला जा रहा है जो दलितों के लिए खतरा है. बिहार विधान सभा चुनाव नजदीक आते ही बिहार में जाती पाती की भी राजनीति चरम सीमा पर देखी जा रही है.



इसी के मद्देनजर नीतीश कुमार के द्वारा दलित कार्ड खेलते हुए दलितों की हत्या के बाद सरकारी नौकरी देने की बात कही जा रही है. जबकि बिहार में तमाम बेरोजगार युवकों के सामने भुखमरी की समस्या खड़ी है. वही, संविदा पर रखे गए चिकित्सक मानदेय के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. तो वही शिक्षामित्र नियमित करने के लिए लॉक डाउन की घोषणा के पहले अनिश्चितकालीन धरने पर थे.

5 सितंबर को बेरोजगार युवक बिहार सहित पूरे भारत में ताली थाली बजाकर  रोजगार देने की मांग कर रहे थे. जबकि प्राइवेट विद्यालय के शिक्षक कैमूर जिला में जिला शिक्षा पदाधिकारी के आवास के सामने वेतन के लिए प्रदर्शन किए. उन लोगों का कहना था कि लॉकडाउन की घोषणा के बाद विद्यालय प्रबंधन के तरफ से उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है. जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.

इन तमाम बातों को देखते हुए यह कयास लगाया जा रहा है कि बिहार सरकार सरकारी नौकरी देने में विफल है. इसके बाद भी दलितों की हत्या होने पर उन्हें सरकारी नौकरी देने की बात दलितों को छलावा साबित हो सकता है. और इससे दलितों के हित को खतरा देखा जा रहा है.

इस मौके पर राष्ट्रीय परशुराम सेना युवा वाहिनी कैमूर के जिला अध्यक्ष पंकज पांडे, जिला सचिव सोनू पांडे, जिला महासचिव दीपक दुबे, धनजी मिश्रा, उत्सव तिवारी, पप्पू ओझा, दीपक दुबे, अरुण चौबे, प्रकाश गौरव पांडे आदि लोगों के द्वारा परशुराम सेना युवा वाहिनी के बैनर तले जमकर विरोध लोगों ने किया तथा साथ ही नीतीश कुमार का पुतला दहन भभुआ स्थित एकता चौक पर किया गया.