छठ पूजा 2018 : पटना में गंगा नदी में बोटिंग पर कंप्लीट बैन, आज से 14 तक नहीं होगा परिचालन

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्कः पटना में छठ महापर्व को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. जिला प्रशासन अपनी तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती है. पटना के डीएम कुमार रवि के निर्देश पर सदर अनुमंडलाधिकारी सुहर्ष भगत ने 11 से 14 नवंबर तक गंगा नदी में नाव परिचालन पर रोक लगा दी है. जिला प्रशासन ने ऐसा ऐतियातन किया है.

जिला प्रशासन के मुताबिक देखा जाता है कि छठ के समय गंगा नदी में अनाधिकृक रूप से नाव पर परिचालन किया जाता है. कभी-कभी तो नावों को औवरलोड भी कर लिया जाता है. इससे हादसा होने की संभावना बनी रहती है. प्रशासन ने ऐतियातन गंगा में नावों के परिचालन पर रोक लगाया है. ताकि किसी तरह के हादसा न हो. इसलिए रविवार सुबह से ही 14 नवंबर तक नावों के परिचालन पर रोक लगा दी गई है.

आज से शुरू हुआ छठ महापर्व

नहाय-खाय के साथ ही आज 11 नवंबर रविवार को महापर्व छठ पूजा की शुरुआत हो रही है. आज रविवार सुबह व्रती पूजा के बाद नहाय-खाय की विधि करेंगी. इस दौरान चावल, चने की दाल व लौकी की सब्जी ग्रहण करेंगी. साथ ही खरना की तैयारी भी शुरू कर देंगी. खरना सोमवार को है. इस दिन गुड़ व चावल की विशेष खीर बनाई जाती है. व्रती के खाने के बाद इसे लोगों में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है.

घरों में छठ पर्व को लेकर उल्लास का माहौल है. जगह-जगह छठ मइया के गीत बज रहे हैं. नहाय-खाय के लिए महिलाओं ने बाजार से पूरी खरीदारी भी कर ली है. नहाय-खाय वाले दिन से छठ पर्व की शुरुआत मानी जाती है. दूसरे दिन खरना होता है. तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य और चौथे दिन उदय होते ही सूर्य को अ‌र्घ्य देने के साथ ही पर्व का समापन हो जाता है.

यह प्रकृति से जुड़ा पर्व है

महावीर नगर निवासी भावना ने बताया कि छठ पर्व को हम सभी हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं. इसमें शुद्धता का काफी ध्यान रखा जाता है. यह प्रकृति से जुड़ा पर्व है. उन्होंने बताया कि इसमें ऐसा कुछ भी नहीं होता, जिससे पर्यावरण किसी भी प्रकार से प्रभावित हो. इसके लिए लोग पूरे वर्ष इंतजार करते हैं. आज तक जो भी छठ मइया से मांगा वह मिला है. इस कारण आस्था और बढ़ गई है. पहले इस इलाके में कहीं-कहीं छठ मइया की पूजा होती थी, लेकिन अब लगभग हर कॉलोनी में लोग इसे मना रहे हैं. इलाके में सैकड़ों घाट बने हुए हैं. पूजा समिति की ओर से यहां पर सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं.