लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : प्रशांत किशोर की गाड़ी पर हमला करनेवाले ABVP के छात्रों को पुलिस ने रिहा कर दिया है. बता दें कि इन छात्रों पर कल वीसी आवास के बाहर जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की गाड़ी पर पथराव करने का आरापे लगा था. पुलिस ने करीब 10 की संख्या में छात्रों को गिरफ्तार किया था. पुलिस की माने तो इनमें कुछ छात्र यूनिवर्सिटी के बाहर के भी रहनेवाले हैं. प्रशांत किशोर कल शाम पीयू के वीसी रास बिहारी प्रसाद से मिलने पहुंचे हुए थे.

प्रशांत किशोर की गाड़ी पर किया था हंगामा

दरअसल कल पांच तारीख को पीयू में छात्र संघ के चुनाव होनेवाले हैं. ऐसे में कैंपस में आचार संहिता लागू है. इसके अनुसार कोई भी पॉलिटिकल व्यक्ति शाम 6 बजे के बाद कैंपर में नहीं आ सकता है. लेकिन इसके बावजूद जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर वीसी से मिलने उनके आवास पर पहुंचे थे. जिसे लेकर गुस्साए छात्रों ने वीसी आवास को घेर लिया था. छात्र पीके के कैंपस में आने का विरोध कर रहे थे. छात्रों की भीड़ को काबू करने को लेकर पांच थानों की पुलिस भी बुलाई गई थी.

छात्रों के हंगामें ​के बीच प्रशांत किशोर कड़ी सुरक्षा के बीच वीसी आवास से बाहर निकले. इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे भाजयुमो और एबीवीपी के छात्रों ने उनकी गाड़ी पर पथराव कर दिया. इस पथराव में प्रशांत किशोर की गाड़ी का शीशा भी फूट गया. वहीं पीके को भी चोट लगने की बात सामने आई है. इस मामलें में पुलिस ने करीब 10 छात्रों को गिरफ्तार कियार था. जिन्हे आज रिहा कर दिया गया है.

छात्रों की रिहाई से पहले पहले जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बीजेपी के नेता धरने पर बैठे हैं. पीरबहोर थाना परिसर में जमकर नारेबाजी भी हुई है. इस दौरान बीजेपी विधायक अरुण सिन्हा ने कहा कि अगर अन्याय होगा तो हम अावाज जरूर उठाएंगे. अरुण सिन्हा के साथ ही साथ बीजेपी नेता नितिन नवीन भी धरने पर बैठे. इस दौरान भारी संख्या में ABVP कार्यकर्ता भी शामिल थे.