अब बिहार के जेलों में हर शाम होगी मस्तानी, गूंजेगा गीत-संगीत

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: कहा जाता है कि कैदी भी इंसान होते हैं. भले कैदी ने कोई जुर्म किया होगा, या कोई अपराध किया हो. लेकिन उनके सीने में भी दिल होता है. जी हां, ऐसा हम नहीं कह रहे. ऐसा ही कुछ नज़ारा दिखने वाला है बिहार के 57 जेलों में. कैदियों को बेहतर खानपान के साथ अब हर मूलभूत सुविधा दी जाएगी.

अधिकांश जेलों में पुस्तकालय, व्यायामशाला, कैंटीन, संगीत के लिए वाद्य यंत्र समेत अन्य संसाधन मुहैया करा दिये गये हैं. इसका मुख्य उदे्श्य कैदियों को शारीरिक, मानसिक व मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य संवर्द्धन करना है.

इसी क्रम में अब सभी जेलों में सुबह सामूहिक व्यायाम या योगासन के साथ प्रार्थना का आयोजन होगा. इसके बाद शाम को संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. कैदियों को पूरे दिन में एक घंटा सामूहिक रूप से पुस्तकालय में अध्ययन करने की सुविधा भी दी जायेगी.

जिन जेलों में कैदियों की संख्या ज्यादा है, वहां बंदियों के छोटे-छोटे समूह बनाकर व्यायाम, योगासन और प्रार्थना समेत अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा. अगर कहीं वाद्य यंत्रों की जरूरत है, तो इसकी खरीद भी जल्द करने को कहा गया है. इस मामले में जेल आइजी मिथिलेश मिश्र ने सभी केंद्रीय, मंडल और उपकारा के काराधीक्षकों को आदेश जारी किया है.

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