लाइव सिटीज डेस्क : बिहार के लोगों के लिए एक और चिंताजनक खबर. हम आपको डरा नहीं रहे हैं, बल्कि स्थिति से अवगत करा रहे हैं. बिजली विभाग फिर से आपके पॉकेट को ढीला करने की जुगत में लग गया है. बिजली आपको महंगाई का जोरदार झटका देने को तैयार है. बिजली कंपनियों ने शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव अपने आयोग को दिया है. यदि इस पर मुहर लग जाती है तो आपके पॉकेट का बजट बिगड़ना तय है.

दरअसल बिजली कंपनियों ने बिहार में बिजली को 5 परसेंट महंगा करने का प्रस्ताव दिया है. यह प्रस्ताव बिहार विद्युत विनियामक आयोग को भेजा गया है. यदि इस पर आयोग की मुहर लग जाती है तो नया रेट एक अप्रैल 2019 से लागू हो जाएगा. हालांकि बिजली कितनी महंगी होगी, अंतिम फैसला बिहार विद्युत विनियामक आयोग को करना है. इसके बाद चाहे तो राज्य सरकार पर भी इस पर सब्सिडी दे सकती है.

बता दें कि बिहार विद्युत विनियामक आयोग को बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, बिहार ग्रिड कंपनी लिमिटेड और स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर ने ट्रांसमिशन के लिए याचिका दायर कर की है. वहीं बिजली शुल्क बढ़ाने के लिए नॉर्थ व साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने प्रस्ताव दिया है.

जानकारी के अनुसार बिजली कंपनियों ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में होने वाले खर्च व आमदनी व अगले साल 20% अधिक खपत होने को देखते हुए इसके शुल्क में बढ़ोत्तरी की जाए. विभागीय जानकारी के अनुसार लगभग 6000 मेगावाट बिजली खपत के आधार पर विभिन्न कैटेगरी में अलग-अलग शुल्क में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव है.

बहरहाल बिजली कंपनियों की ओर से आयी तमाम याचिकाओं की बिहार विद्युत विनियामक आयोग की ओर स्टडी की जायेगी. इसके बाद ही इस पर कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा. इसमें बिहार के लोगों से राय ली जाएगी. प्रमंडलवार आम लोगों से आयोग सलाह लेगा. इसके लिए टाइम टू टाइम जनसुनवाई शिविर लगाया जाएगा. लेकिन इससे संबंधित सारे फैसले मार्च 2019 तक ले लिये जाएंगे.