किशनगंज के सांसद मौलाना असरारुल हक कासमी के निधन पर राबड़ी देवी व तेजस्वी ने जताया शोक

किशनगंज के सांसद मौलाना असरारुल हक कासमी (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव, पूर्व मंत्री एवम विधायक तेजप्रताप यादव, राज्यसभा सांसद मीसा भारती ने किशनगंज के सांसद एवम कांग्रेस के वरिष्ट नेता मौलाना इसरारुल हक कासमी के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है और अपने शोक संदेश में कहा  कि वे जाने माने इस्लाम धर्म के आलीम, इल्म ए दिन के ज्ञाता, उच्च कोटि के सामाजिक एवम राजनीतिक कार्यकर्ता, राजनेता थे, वे दो बार किशनगंज लोक सभा क्षेत्र से सांसद चुने गये.

सांसद रहते हुए अपनी  जिम्मेदारियों का निर्वाह पूरी ईमानदारी और निष्ठा से किया. धर्मनिरपेक्षता के मजबूत स्तम्भ रहे. सामाजिक सदभाव,   क्षेत्र विकास उनकी प्राथमिकता थी. वे कई इस्लामिक संगठनों से जुड़े हुए थे. उनके निधन से सामाजिक एवम राजनीतिक जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है. खुदा उन्हें जन्नत ए फिरदौश अता करे, उनकी मग़फ़ेरत फरमायें, परिजनों और शुभचिंतकों को सबरे जमील दे.

वहीं  राजद विधायक भोला यादव ने किशनगंज के सांसद मौलाना इसरारुल हक कासमी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और बताया कि रांची सूत्रों से प्राप्त सूचना के अनुसार जब मौलाना इसरारुल हक़ साहब के निधन की सूचना जब राजद सुप्रीमो प्रसाद को दी गई तो उन्हों गहरी शोक संवेदना व्यक्त की और कहा की उनके निधन से राज्य ने एक कुसल, समर्पित सांसद को खो दिया है. खुदा उनकी मग़फ़ेरत फरमाए. जन्नत मे ऊंचा मुकाम अता करे. आपको बता दें कि सांसद के निधन के बाद कांग्रेस कार्यालय में शोक की लहर है. प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया.

आपको बता दें कि किशनगंज के सांसद मौलाना असरारुल हक कासमी नहीं रहे. गुरुवार की रात उनका निधन हो गया. बताया जाता है कि हार्ट अटैक के कारण उनका निधन हुआ है. जानकारी के अनुसार किशनगंज सर्किट हाउस में बीती रात वे ठहरे हुए थे. इसके पहले वे एक जलसा कार्यक्रम में शिरकत करने गए थे. कहा जा रहा है कि वहीं उन्हें ठंड लग गयी. आनन-फानन में वे सर्किट हाउस पहुंचे.

सर्किट हाउस में उन्हें हार्ट अटैक आ गया. कांग्रेस के सांसद मौलाना असरारुल हक 76 वर्ष के थे. उनके पैतृक गांव ताराबाड़ी में जनाजे की अंतिम नमाज पढ़ी जाएगी और वहीं उनको सुपुर्दे खाक किया जाएगा.गौरतलब है कि मौलाना कांग्रेस के टिकट पर किशनगंज लोकसभा सीट से लगातार दो बार सांसद चुने गए थे. 2009 में पहली बार सांसद चुने गए थे. इसके बाद वे मोदी लहर के बावजूद 2014 में भी कांग्रेस के टिकट पर सांसद बने.

मौलाना का जन्म 15 फरवरी 1942 को हुआ था. सांसद की शिक्षा दारुल उलूम देवबंद में हुई जहां से उन्होंने स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की थी. मौलाना की पत्नी सलमा खातून का निधन पूर्व में ही हो चुका है. मौलाना अपने पीछे तीन पुत्र और दो पुत्री को छोड़ गए हैं.

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