रामानुज प्रसाद बोले- नोटबंदी अर्थव्यवस्था के लिए काला अध्याय, मोदी इसके लिए जनता से मांगे माफी

राजद के प्रवक्ता सह विधायक डॉ रामानुज प्रसाद और पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: राजद के प्रदेश प्रवक्ता सह विधायक डॉ रामानुज प्रसाद ने केन्द्र सरकार के द्वारा आज से दो साल पूर्व केन्द्र सरकार के द्वारा किए गए नोटबंदी को भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास का काला अध्याय बताते हुए कहा कि केन्द्र सरकार के द्वारा जिस प्रकार नोटबंदी के समर्थन में प्रचार किया गया ठीक सभी कार्य उसके विरित हुए भारत की अर्थव्यवस्था जो जो उस समय लड़खड़ाई वह आज बदस्तुर जारी है.

अर्थव्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई. रूपया इतिहास के सबसे नीचले स्तर पर पहुंच गया है. मोदी ने कहा था कि काला धन आएगा और बैंकों में 60 प्रतिशत ही नोट पहुंचेंगे परन्तु हुआ उल्टा 99 प्रतिशत नोट बैंकों में पहुंच गए और काला धन आना तो दूर करीब 66000 करोड़ छपाई व ढुलाई में सरकार का खर्च हुआ जिससे सरकार को नुकसान हुआ.

केन्द्र सरकार के द्वारा यह कदम बिना रिजर्व बैंक को विश्वास में लिए हुए किया गया जो कि इनकी हिटलरशाही को दर्शाता है. इनके इस निर्णय से रिजर्व बैंक की शाख गिरी है और अन्य संस्थानों की तरह रिजर्व बैंक के गवर्नर को भी आरएसएस के विचारधारा वाले व्यक्ति को सरकार ने बना दिया है जिससे बड़े-बड़े उद्योगपतियों को बड़ा फायदा हुआ है और बैंकों में जमा पैसे को उद्योगपतियों के बीच बांटने का काम सरकार ने किया तथा उसे सब्सिडी देने का काम किया है.

इनकी इसी हिटलरशाही का कारण है कि करीब छह माह तक लोग परेशान हो गए थे, कई लोगों की शादियां टूट गई, कितने लोग लाईन में लगे-लगे मृत्यु को प्राप्त हुए. आज भी देश की जनता नोटबंदी के नाम से सिहर जाते हैं. इन नेताओं ने प्रधानमंत्री से पूछा है कि जब 99 प्रतिशत नोट रिजर्व बैंक में पहुंच गए तो जो भारतीय नोट विदेशों में अर्थव्यवस्था चलन में बैंकों में डिपोजिट है.

वह कौन सा नोट है. प्रधानमंत्री एवं वितमंत्री को बताना चाहिए कि जाली नोट तो नहीं भारतीय बैंकों में जमा हो गए हैं सरकार जवाब दें. इन नेताओं ने सरकार से खासकर नोन्द्र मोदी से मांग किया है कि मोदी जी इस गलती के लिए देश की जनता से माफी मांगे.

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