42 घंटे बाद भी दीपक का नहीं मिला है सुराग, लगातार तीसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्कः बिहार की राजधानी पटना में मासूम दीपक की तलाश आज 19 नवंबर सोमवार को भी जारी है. लगातार गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. लेकिन सफलता हाथ नहीं लग रही है. राजधानी के एसके पुरी इलाके के गहरे नाले में गिरे दीपक के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है. लगातार तीसरे दिन बाद भी दीपक लापता है. वहीं, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने 70 फीट तक नाले की खुदाई की है. लेकिन दीपक का पता नहीं चल सका है.

ये घटना शनिवार को हुई. 10 साल का एक मासूम दीपक खुले नाले में गिर गया था. बच्चे को बचाने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. लेकिन, 41 घंटे के बाद भी बच्चे का सुराग नहीं मिल पाया है. पूरा मामला राजेश पथ का है. जहां शनिवार को जब दीपक अपने पिता के लिए खाना लेकर जा रहा था, इस दौरान एक सांड ने उसे नाले के पास टक्कर मार दी.

दीपक गहरे नाले में गिर गया. घटना के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोग नाले के तरफ दौड़ पड़े. लोगों ने बच्चे को नाले से निकालने की कवायद शुरू कर दी है. देर रात तक एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने सर्च ऑपरेशन चलाया. एसीआरएफ की टीम ने नाले की 70 फीट तक खुदाई की. रात 2:30 बजे यह खुदाई रोक दी गई. अगले आदेश के बाद आगे की खुदाई की जाएगी. दीपक का कोई सुराग नहीं मिला है.

पंप हाउस से पानी छोड़ा गया था. उम्मीद थी कि पानी के तेज बहाव से दीपक का शरीर बाहर आ जाएगा. पानी निकलने के बाद एक बार फिर फिर से पानी के अंदर एनडीआरएफ एसडीआरएफ की डाइविंग टीम गई. वहीं इस घटना के बाद केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने ऑपरेशन का जायजा लिया था. उन्होंने कहा था कि दीपक के बचने की उम्मीद कम है. 4 जगहों पर मेनहोल खोदकर जाली लगायी गयी थी दीपक को खोजने के लिए. लेकिन अंदर से खाली हाथ एनडीआरएफ की टीम निकली. आज भी सर्च ऑपरेशन जारी है.

दीपक के पिता गुड्डू राम का जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नाला सालों से खुला था और अगर नाला ढका होता तो आज दीपक के साथ ऐसी घटना नहीं घटती. वहीं, पटना निगम के रवैये को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी गई. लोगों का कहना है कि नगर निगम की लापरवाही से दीपक की सांसें अटकी हैं. महीनों से मेनहोल का ढ़क्कन खुला था, लेकिन निगम आयुक्त बेपरवाह बने रहे.