लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान पर उनके दामाद और राजद नेता अनिल कुमार साधु ने जमकर हमला बोला है. उन्होंने रामविलास पर हमला बोलते हुए कहा कि वे दलित हितैषी होने का ढोंग कर रहे हैं. उन्होंने दलितों पर हो रहे अत्याचार पर रामविलास की चुप्पी को लेकर सवाल करते हुए उनपर हमला बोला है.

रामविलास नहीं दलित हितैशी

आज पटना में राजद के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति प्राकेष्ठ की बैठक में साधु ने रामविलास पर जमकर हमला बोला. उन्होंने लोजपा अध्यक्ष और अपने ससुर पर हमला बोलते हुए दलितों के मुद्दे पर उनके चुप रहने को लेकर सवाल किया. राजद के एससी/एसटी प्राकेष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ने रामविलास से सवाल पूछा जिस गोधरा कांड के बाद उन्होंने एनडीए छोड़ दी थी, उसी कांड के अभियुक्त के कैबिनेट में आज वे मंत्री क्यों बने हुए हैं.

रामविलास पर हमला बोलते हुए साधु ने कहा कि रामविलास दलितों के हितैषी नहीं है. उन्होंने कहा उना में दलितों पर हुए अत्याचार को लेकर सवाल करते हुए कहा कि उन्होंने इस घटना को छोटी-मोटी घटना बताया था. उन्होंने नंदगांव और सहारणपुर में दलितों पर हुए हमले पर रामविलास की चुप्पी को लेकर उनपर हमला बोला.

योगी कराएं अपना डीएनए टेस्ट

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के हुनुमान को दलित बताने को लेकर साधु ने उनपर हमला बोला. अनिल कुमार साधु ने कहा कि योगी जी ने दलितों की तुलना बंदरों से की है. राजद नेता ने योगी को डीएनए टेस्ट कराने की सलाह देते हुए कहा कि टेस्ट कराने से उन्हे पता चल जाएगा कि वे किस प्राणी से आए हैं.

दरअसल आज पटना में प्रदेश के अनुसूचित जाति और जनजाति की स्थिति को लेकर राजद ने अपने अनुसूचित जाति और जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों, एवं प्रखंड अध्यक्षों की बैठक की. इस बैठक में बिहार सरकार की नीतियों से एससी और एसटी वर्ग के लोगों को हो रही परेशानियों को लेकर चर्चा की गई. इस दौरान साधु ने लाइव सिटीज से बात की.

नीतीश कुमार पर बोला हमला

नीतीश कुमार द्वारा हाल ही में प्रदेश में चलाए गए जागरूकता रथ  पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कौन सा ऐसा काम किया है कि वे रथ निकाल रहे हैं. शराबबंदी को लेकर साधु ने कहा कि बिहार के अब शराब की होम डिलीवरी नहीं बेड डिलीवरी हो रही है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार इजाजत दें तो उनके बेड पर शराब पहुंच जाए. साधु ने शराबबंदी के कानून को दलित विरोधी बताते हुए कहा कि इस कानून के चलते सबसे ज्यादा दलित जेल में बंद हैं.