नरेंद्र मोदी व नीतीश कुमार पर शरद यादव का बड़ा हमला, दो सांढ़ एक साथ हो जाए तो तबाही तय है

लाइव सिटीज सहरसा (मनीष) : केंद्र व राज्य सरकार के कार्यकलापों को लेकर राज्यसभा सांसद सह लोकतांत्रिक जनता दल राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार पर बड़ा हमला किया. उन्होंने दोनों का बिना नाम लिये कहा कि दो सांढ़ एक साथ हो जाए तो तबाही तय है. ये बातें शरद यादव ने सर्किट हाउस में मंगलवार को मीडिया कर्मियों से कहीं. उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के कारण आज देश ही नहीं राज्य में भी विकट स्थिति खड़ी हो गई है.

उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादे को छोड़कर अन्य सब कुछ कर रही है. नोटबंदी के कारण बैंक ठप पड़ गए हैं. जो रिजर्व बैंक हमारे सबसे बड़े मजबूत स्तंभ थे, वे ध्वस्त होने के कगार पर हैं. ललित मोदी, नीरव मोदी, विजय माल्या सरीखे उद्योगपतियों ने खजाने की राशि लेकर निकल लिये. देश के चौकीदार प्रधानमंत्री सोते रहे. उन्होंने कहा केंद्र सरकार ने किसानों को डेढ़ गुना आमदनी का भरोसा दिलाया था, जो पूरा नहीं हो सका. उन्होंने कहा सरकार अगर समर्थन मूल्य किसानों को दिला दे तो किसानों का कल्याण हो सकेगा.

उन्होंने कहा कि कोसी इलाके में नगदी फसल के रूप में मक्का एवं मूंग की खेती की जाती है, जिसका समर्थन मूल्य तक किसानों को नहीं मिल रहा है. किसान हताश एवं परेशान हैं. देश की अर्थव्यवस्था में पशुधन भी महत्वपूर्ण स्थान रखता था. केंद्र सरकार ने पशुधन पर भी कई तरह की पाबंदी लगा दी, जिससे गाय, भैंस, बैल आदि पशुओं की कीमत काफी गिर गई है. अब यह धन नहीं रह कर बेकार हो गया है. आवारा पशुओं की संख्या बढ़ रही है.

पत्रकारों द्वारा डबल इंजन की सरकार पर पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने कहा कि दो सांढ़ एक साथ मिल जाए तो तबाही तय है. और अब जनता भुगत रही है. उन्होंने कहा मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना कार्यक्रम पूरी तरह छलावा है. कहीं भी एक बूंद पानी आपूर्ति नहीं की जा रही है. इसके उलट चलने लायक सड़कों को भी खोदकर बर्बाद कर दिया गया है. शराबबंदी कानून व्यवस्था का बुरा हाल है. दलाल किस्म के लोग अवैध धंधे में लोग मौज कर रहे हैं. इसके साथ गरीबों को जेलों के अंदर बंद किया जा रहा है. चारों तरफ हाहाकार की स्थिति बनी है. सरकार की खनन नीति सभी वर्गों के लोगों को परेशान कर रखा है. गिट्टी, मिट्टी एवं बालू के लिए सभी परेशान हैं. आधार कार्ड योजना से वृद्ध, विधवा विकलांग को पेंशन योजना में भारी परेशानी पैदा हो गया है. हजारों पेंशनधारी को पेंशन के लाभ से वंचित कर दिया गया है.

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उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है. शिक्षा की ख्याति जो पूर्व में राज्य की थी वह पूरी तरह ध्वस्त हो गया है. मेधावी छात्र छात्राएं आत्महत्या करने पर विवश हैं. ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों के अधिकार को निष्क्रिय कर दिया गया है. मनरेगा मजाक बनकर रह गया है. उन्होंने कहा एम्स के लिए कोशी उपयुक्त स्थल है. इसके लिए दो सौ 18 एकड़ भूमि जिला प्रशासन ने राज्य सरकार को प्रस्तावित किया है. वर्तमान समय में अस्पताल मरीजों के इलाज लायक नहीं है. अफसरशाही बेलगाम हो गई है. सरकार की साख पूरी तरह खत्म हो गया है. गठबंधन की सरकार को तोड़ने से मुख्यमंत्री की छवि समाप्त हो गई है.

मौके पर पूर्व विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद यादव, जिलाध्यक्ष धनिकलाल मुखिया, इं संतोष कुमार यादव, जिप सदस्य धीरेंद्र यादव, शेर अफगान मिर्जा, मानवेंद्र ठाकुर, शुभंकर शर्मा, परवेज आलम, वीरेंद्र शेखर पासवान, विजेंद्र यादव, धीरेंद्र प्रसाद यादव, राजनीति यादव, शिव कुमार यादव, डॉ झलेंद्र यादव, पुलेंद्र मंडल, रतन यादव, अमरेंद्र कुमार यादव, प्रेमलाल सादा, नवीन कुमार राम, विकास कुमार यादव, दिनेश मुखिया, संजय मुखिया सहित अन्य मौजूद थे.

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