उपेंंद्र कुशवाहा कभी भी एनडीए को कह सकते हैं बाय-बाय, शुरू हो चुका है काउंट डाउन

लाइव सिटीज, सेंट्र्रल डेस्क : रालोंसपा और भाजपा की दोस्ती अब टूटने हीं वाली है. अभी इस बारें में कोई औपचारिक एलान तो नहीं हुआ है लेकिन रालोसपा कार्यकताओं की माने तो अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा जल्द इस बारे में एलान भी कर सकते हैं. बता दे कि पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर में दो दिनों तक चली रालोसपा की चिंतन शिविर खत्म हो गई है.

रालोसपा कार्यकर्ता है बीजेंपी और जदयू से नाराज

चिंतन शिविर के दौरान हुई वार्ता को लेकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की ओर से जो इस चिंतंन ​के रूझान आ रहे हैं उसके मुताबित भाजपा और रालोसपा की करीब पांच साल पुरानी दोस्ती टूटनी तय है.शिविर से निकले कई नेताओं ने इसकी पुष्टि की.मालूम हो कि एनडीए में चल रही तमाम उठा-पटक को लेकर केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा फिलहाल दो दिनों से वाल्मीकिनगर में जमे हुए हैं. यहां वे अपनी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ चिंतन-मनन कर रहे थे.

आज का चिंतन शिविर तय समय से 9.30 बजे ही शुरू हो गया. वाल्मीकिनगर स्थित प्रखंड शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (बायट) में आयोजित इस चिंतन शिविर में मीडिया के जाने पर भी पाबंदी लगा दी गयी है. पार्टी नेताओं के मोबाइल भी बाहर ही रखवा दिये गये हैं. फिलहाल चिंतन शिविर जारी है. वहीं, कयास लगाया जा रहा है कि पार्टी कार्यकर्ताओं का मिजाज देखने-पढ़ने के बाद उपेंद्र कुशवाहा कोई बड़ा फैसला कर सकते हैं.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस शिविर में मोजूद पार्टी के कार्यकताओं की ओर से बीजेंपी और जदयू के प्रति जमकर आक्रोश फूटा है. अमूमन हर वक्ता अपनी भड़ास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी पर निकाल रहा है. सूचना के अनुसार कार्यकर्ता यह मान रहे हैं कि बिहार के ये दोनों नेता नहीं चाहते हैं कि उपेंद्र कुशवाहा की स्थिति बिहार में मजबूत हो. इसी कारण उनकी अनदेखी की जा रही है..