लाइव सिटीज डेस्क : कब-किसकी मौत आ जाए, कौन-किस समय काल-कवलित हो जाए, नहीं कहा जा सकता है. बिहार के मधेपुरा निवासी डॉ सौरभ कुमार को भी कहां पता था कि बिजली का पोल उनके लिए मौत का पोल बन जाएगा. लेकिन यही कड़वा सच है. दिल्ली में पोस्टेड डॉ सौरभ की रांची से लौटने के क्रम में मौत हो गई. वे अपने दोस्त की शादी में भाग लेने के लिए दिल्ली से आये हुए थे.

बताया जाता है कि डॉ सौरभ रांची से लौट रहे थे कि उनकी कार बिजली के पोल से टकरा गई. इससे बिजली का पोल उनकी कार पर मौत बनकर आ गिरा. इस हादसे में उनकी जान चली गई. हालांकि घटना के वक्त उनकी कार में मां, बहन और बहनोई भी सवार थे. उनलोगों को चोटें आई हैं.

बताया जाता है कि बिहार के सुपौल-सिंहेश्वर रोड पर कुम्हैट के पास डॉ सौरभ की कार का संतुलन बिगड़ गया और हादसा हो गया. जानकारी के अनुसार बहनोई की हालत गंभीर बनी हुई है ओर उन्हें नेपाल के विराटनगर में एडमिट कराया गया है.

परिजनों के अनुसार मधेपुरा जिला के रहनेवाले डॉ. सौरभ महज 30 साल के थे और उनकी दिल्ली बसाईदारापुर में ईएसआईसी हॉस्पिटल में पोस्टिंग थी. वे वहां जूनियर रेजिडेंट थे. सौरभ रांची से मधेपुरा लौट रहे थे. कार उनके बहनोई रौशन कुमार चला रहे थे. कार में सवार सौरभ की बहन सोनाली को हल्की चोट आई है. बता दें कि सौरभ के पिता शंकर यादव बीएनएमयू से संबद्ध बाबा सिंहेश्वर डिग्री कॉलेज के प्राचार्य हैं.