ADR रिपोर्ट : पहले फेज में बिहार के 14 कैंडिडेट हैं करोड़पति, चंदन कुमार सबसे आगे

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लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण में बिहार की चार सीटों पर मतदान होना है. ये लोकसभा सीट हैं – औरंगाबाद, नवादा, गया और जमुई. इन चारों सीटों के लिए मैदान में उतरे कैंडिडेट्स के आर्थिक व आपराधिक बैकग्राउंड से संबंधित रिपोर्ट आ गई है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने देश भर की उन सभी लोकसभा सीटों के कैंडिडेट्स पर यह रिपोर्ट जारी की है, जहां पहले चरण में मतदान होना है. इस क्रम में बिहार की चारों लोकसभा सीट के 42 कैंडिडेट्स पर आधारित यह रिपोर्ट जारी की गयी है.

ADR ने चारों लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ रहे 44 कैंडिडेट्स में से 42 की आर्थिक व आपराधिक बैकग्राउंड की डिटेल्स प्रकाशित की हैं. इन 42 में से 14 (33%) कैंडिडेट ने खुद की संपत्ति करोड़ों में बतायी है. ADR के अनुसार बिहार के 2 कैंडीडेट्स की डिटेल नहीं मिल पाई है. इसमें जमुई से उपेंद्र रविदास और नवादा से कैंडिडेट विभा देवी शामिल हैं.

बिहार के करोड़पति कैंडिडेट्स में नवादा से लोजपा प्रत्याशी चंदन सिंह की संपत्ति सबसे ज्यादा है. उनकी कुल चल-अचल संपत्ति 17.67 करोड़ रूपये के करीब है. इसी तरह औरंगाबाद से भाजपा कैंडिडेट सुशील कुमार सिंह की संपत्ति 16 करोड़ रूपये से अधिक है. औरंगाबाद से ही स्वराज पार्टी के कैंडिडेट सोम प्रकाश की संपत्ति भी 14.37 करोड़ रूपये से अधिक है.

नवादा से निर्दलीय प्रत्याशी निवेदिता सिंह की संपत्ति 7.14 करोड़ रूपये है. नवादा के ही बसपा कैंडिडेट विष्णु देव यादव भी चार करोड़ से अधिक की संपत्ति के मालिक हैं. जमुई से निर्दलीय विरेन्द्र कुमार की कुल संपत्ति दो करोड़ रूपये के करीब है. औरंगाबाद से हम प्रत्याशी उपेन्द्र प्रसाद भी दो करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के मालिक है. जमुई से लोजपा प्रत्याशी चिराग पासवान की संपत्ति भी 1.84 करोड़ है.

अन्य करोड़पति प्रत्याशी हैं – 

  • भूदेव चौधरी, जमुई (RJD) – 1.77 करोड़
  • प्रो. के बी प्रसाद, नवादा (नि.) – 1.68 करोड़
  • विजय कुमार, गया (जदयू) – 1.27 करोड़
  • बाल्मीकि पासवान, जमुई (HND) – 1.27 करोड़
  • नरेश यादव, औरंगाबाद (BSP) – 1.26 करोड़
  • तुलसी दयाल, नवादा (नि.) – 1.1 करोड़

13 के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले

ADR ने अपनी रिपोर्ट में बिहार के चारों लोकसभा सीटों को ‘रेड अलर्ट’ की श्रेणी में रखा है. इसमें वैसे लोकसभा क्षेत्र रखे गए हैं, जहां 3 या 3 से ज्यादा कैंडिडेट के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज हैं. इस कैटेगरी में देशभर के 91 में से 37 लोकसभा क्षेत्र शामिल हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक बिहार के इन 42 कैंडीडेट्स में 14 के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज हैं. इसके अलावा 13 के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. यह कुल कैंडिडेट का क्रमशः 33 व 31 प्रतिशत है.

इनमें नवादा में सबसे ज्यादा 12 में से 5 कैंडिडेट पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. जबकि गया में 13 में से तीन कैंडिडेट के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज हैं. जमुई और औरंगाबाद में क्रमशः 8 और 9 कैंडिडेट्स में से 3-3 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं.

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