लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : टीएसएस के अध्यक्ष अमित विक्रम ने कहा कि टीईटी शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले 27 फरवरी से बिहार के सवा लाख टीईटी शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. उन्होंने कहा कि टीईटी शिक्षक पिछले 10 महीनों से लगातार सुप्रीम कोर्ट के न्यायादेश में दिए गए निर्देशों के पालन करते हुए सहायक शिक्षक व राज्यकर्मी बनाने की मांग को लेकर आंदोलन करते रहे हैं. लेकिन अब तक सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है.

अमित विक्रम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लागू करवाने हेतु दायर CWJC 2087/2020 (कुमार सौरव बनाम बिहार सरकार) याचिका में भी टीईटी शिक्षकों को जीत मिली और जस्टिस अनिल उपाध्याय के बेंच ने शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए 4 महीने के अंदर नियोजित शिक्षकों के लिए वेतनमान एवं सेवा शर्त तय करें. उन्होंने कहा कि वर्तमान में टीईटी पास शिक्षकों का बिहार में सबसे कम वेतन है. जबकि यूपी झारखंड सहित सभी राज्यों में टीईटी पास शिक्षकों को नियमित शिक्षकों के समान वेतनमान एवं अन्य सुविधाएं दी जाती है. लेकिन बिहार में टीईटी शिक्षकों को भी नियोजित शिक्षक बना दिया गया है.

उन्होंने कहा कि बिहार के सवा लाख टीईटी शिक्षकों ने मैट्रिक की परीक्षा में सरकार का सहयोग किया था और शांतिपूर्ण व कदाचार मुक्त परीक्षा करवाने में सरकार का सहयोग किया. माननीय शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया था कि शिक्षक परीक्षा में सहयोग करें तो उनसे सरकार वार्ता करके उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाएगी. लेकिन वार्ता के लिए सरकार को दिया गया 26 फरवरी का अल्टीमेटम बीत जाने के बावजूद अभी तक सरकार की ओर से बातचीत की कोई औपचारिक पेशकश नहीं हुई है. अमित विक्रम ने कहा कि इससे बिहार के टीईटी शिक्षकों में जबरदस्त आक्रोश है और वे सरकार के खिलाफ जोरदार आंदोलन के लिए कमर कस चुके हैं.

अमित विक्रम ने कहा कि इसी क्रम में आज बिहार सभी जिला मुख्यालयों पर कैंडल मार्च निकाला गया. इसके बाद 3 मार्च को पटना के सड़कों पर भारी संख्या में टीईटी शिक्षक उतरकर भिक्षाटन करेंगे और आमजन को सरकार के अन्याय पूर्ण व्यवहार से भी अवगत कराएंगे. बिहार सरकार किस तरह से योग्यता और प्रतिभा का दमन व शोषण करती है इसके प्रति आम जनता के बीच जागरूकता भी लायी जाएगी. उन्होंने कहा कि इसके बावजूद अगर सरकार टीईटी शिक्षकों की मांगों को नहीं मानती है तो 14 मार्च को हजारों की संख्या में टीईटी शिक्षक पटना में एकजुट होकर सामूहिक मुंडन करवाएंगे और पटना की सड़कों पर अर्ध-नग्न होकर प्रदर्शन करेंगे.