कोरोना की दूसरी लहर से गुस्से में लोग, कह रहे हैं- क्या खाएं, कैसे रहें… प्रदर्शन कर रहे जगह-जगह

लाइव सिटीज, पटना : बिहार में कोरोना ने लोगों का जीना हराम कर दिया है. पिछले साल तो बर्बाद हो ही गया है, अब इस साल पर उसकी टेढ़ी नजर है. ऐसे में लोग कोरोना की दूसरी लहर को सुन कर ही गुस्से में आ जा रहे हैं. इसे लेकर कई जगहों पर लोग प्रदर्शन भी कर रहे हैं. कहीं टेंपो वाले सड़क पर उतर रहे हैं तो कहीं स्टूडेंट्स यूनियन बवाल कर रहे हैं. दो दिन पहले सासाराम में छात्र इतने अधिक आक्रोश में थे कि शहर में जमकर तोड़फोड़ कर दिया. इससे बचने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी.

मिल रही जानकारी के अनुसार, ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन की ओर से छात्रों ने गुरुवार को पटना यूनिवर्सिटी के बाहर हंगामा और प्रदर्शन किया. लड़कों का कहना था कि शिक्षण संस्थानों को जान-बूझकर बंद कराया जा रहा है. एआइएसएफ की ओर से कहा गया है कि जब गाइडलाइन के अनुसार चुनाव कराए जा सकते हैं तो कोचिंग संस्थानों का संचालन क्यों नहीं? एआइएसएफ ने सरकार से मांग की है कि चुनाव की तरह ही कोचिंग व शिक्षण संस्थानों को भी गाइडलाइन के तहत संचालन कराया जाए.

उधर, आज ही जहानाबाद में सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर पुलिस चेकिंग के दौरान टेंपो चालकों ने टाली-किनारी पथ पर टेंपो परिचालन को बंद कर दिया है. साथ ही पुलिस की मनमानी के खिलाफ नारेबाजी की. टेंपो चालकों ने बताया कि हमलोगों के पास छोटी गाड़ी है, सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर पुलिस उन लोगों के साथ ज्यादती कर रही हैं. वर्तमान दौर में पेट्रोल 100 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है. इस परिस्थिति में सीट से कम सवारी लेकर चलने से न टेंपो का किस्त भरेगा और न ही चालक का पेट. पुलिस की सख्ती से वे लोग बेरोजगारी के कगार पर हैं.

गौरतलब है कि दो दिन पहले सासाराम में कोचिंग संस्थानों के स्टूडेंट्स ने जमकर प्रदर्शन किया. काफी उत्पात मचाया. शहर में तोड़फोड़ करने के बाद छात्र समाहरणालय भी पहुंच गये थे. तब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पहले आंसू गैस के गोले छोड़े. इसके बाद हवाई फायरिंग की. छात्र इतने गुस्से में थे कि कई वाहनों के शीशे फोड़ दिए.