जम्मू के IED ब्लास्ट में सीवान के अमितेश कुमार शहीद, खबर सुन गांव में उमड़ी भीड़

लाइव सिटीज, सीवान (आशीष) : रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के दिघवलिया गांव निवासी रिटायर्ड सीएमपी जवान शंकर सिंह के सबसे बड़े पुत्र 44वीं बटालियन के जवान अमरजीत कुमार उर्फ अमितेश सोमवार की शाम जम्मू में आतंकियों द्वारा किए गए आइईडी विस्फोट में शहीद हो गए. वे सप्लाई डिपो में जम्मू में तैनात थे. शहादत की खबर मिलते ही परिवार वालों की आंखे नम हो गईं.

मिली जानकारी के अनुसार वे छुट्टी में लखनऊ अपने परिवार के पास आए थे और पांच दिन पहले ही अपने गांव दिघवलिया आए थे. छुट्टी के बाद वे अपने कैंप वापस जा रहे थे तभी रास्ते में ही आतंकियों ने उनके काफिले पर आइईडी से विस्फोट कर दिया. इसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

उनकी मौत की सूचना गांव में रह रहे उनके चाचा संतोष सिंह को रात के करीब एक बजे मिली तो वे स्तब्ध रह गए. उन्हें विश्वास ही नहीं हो पाया कि मेरे घर का चिराग बुझ गया. जब मौत की सूचना घर के अन्य परिजनों मिली तो घर में लोगों के रोने व चिखने चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव वालों की भीड़ उनके घर के बाहर एकत्रित हो गई.

तीन भाइयों मे सबसे बड़ा था अमितेश

अमितेश कुमार अपने चार भाई-बहनों मे सबसे बड़ा था, उससे छोटे भाई मुकल कुमार भी आर्मी के जवान हैं.  तीसरा भाई विपुल कुमार एक नीजी कंपनी में कार्यरत हैं. एक बहन बबीता की शादी हो चुकी है.

2007 में हुई थी शादी

अमितेश कुमार की शादी वर्ष 2007 सारण जिले के एकमा थाने के परसागढ़ गजियापुर निवासी परमहंस पांडेय की पुत्री शोभा के साथ हुई थी. अमितेश व शोभा को दो पुत्र आर्यन कुमार (10) , अनुज कुमार (7) वर्ष है. अमितेश कुमार का पुरा परिवार लखनऊ में रहता है. घर पर सिर्फ उसके चाचा संतोष सिंह का परिवार रहता है.

शुरू से ही होनहार थे अमितेश

अमितेश के करीबी दोस्त मनीष कुमार ने बताया कि अमितेश शुरू से ही काफी होनहार था. वह शुरू से ही फौज में जाना चाहता था. वर्ष 2001 में टारी हाईस्कूल से मैट्रिक की परीक्षा पास करने के बाद से ही फौज की तैयारी में लग गया था, लेकिन उसे सफलता वर्ष 2005 मे मिली. नौकरी मिलने के बाद अमितेश अपने सभी दोस्तों को पार्टी दिया था. यह कहते हुए उसके दोस्त की आंखें आंसुओं से भर गई.

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