अशोक चौधरी के ट्विटर पोल में 81% ने कहा – जलना चाहिए लालटेन, डिलीट किया ट्वीट

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अशोक चौधरी का ट्वीट

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : जदयू नेता व बिहार के पूर्व शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी को सोशल मीडिया में बड़ी फजीहत झेलनी पड़ी है. उन्हें अपना एक ट्वीट डिलीट करना पड़ा है, जिसमें उन्होंने राजद पर पोल कराया था. इस पोल के नतीजे कुछ ऐसे आये, जिसकी वजह से उक्त ट्वीट को बाद में डिलीट कर दिया गया. हालांकि इसके स्क्रीनशॉट अब फेसबुक-ट्वीटर पर वायरल हो रहे हैं. इस पोल में सवाल किया गया था कि बिहार में लालटेन जलना चाहिए, या बुझना चाहिए?

सोशल मीडिया में जो स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है, उसमें देखा जा सकता है कि इस पोल का दांव उल्टा पड़ गया. पोल में सवाल के साथ तीन ऑप्शन दिए गए थे, जो इस तरह थे – जलना चाहिए, बुझना चाहिए और हमेशा के लिए बुझना चाहिए. इसमें 80 प्रतिशत से ज्यादा वोट ‘जलना चाहिए’ पर पड़े. माना जा रहा है कि पोल का रिजल्ट नेगेटिव जाते देख जदयू नेता द्वारा ट्वीट को डिलीट कर दिया गया.



अशोक चौधरी के इस पोल पर राजद की राज्यसभा सांसद मीसा भारती ने भी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने इसे रीट्वीट करते हुए उनपर अटैक किया था. मीसा ने अपने ट्वीट में लिखा था – एक सर्वे तीर पर भी कर लीजिए, राष्ट्रीय सुरक्षा में इसकी उपयोगिता और देशभक्ति के संदर्भ में. चौधरी द्वारा अब ट्वीट को डिलीट किये जाने के बाद सोशल मीडिया में राजद समर्थक उन्हें खूब ट्रोल कर रहे हैं.

अशोक चौधरी के ट्विटर पोल का स्क्रीनशॉट

अशोक चौधरी ने 2018 में ज्वाइन किया था जदयू

अशोक चौधरी एक समय बिहार में कांग्रेस के बड़े नेता माने जाते थे. पार्टी छोड़ने के वक़्त वे बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे. इसके पहले जुलाई 2017 तक वे तत्कालीन महागठबंधन सरकार में शिक्षा मंत्री भी रहे थे. 26 जुलाई 2017 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा महागठबंधन छोड़ भाजपा के साथ सरकार बनाए जाने के बाद उन्हें शिक्षा मंत्री का पद छोड़ना पड़ा था.

इसके बाद अशोक चौधरी और कांग्रेस नेतृत्व में दूरियां बढ़ती गईं और आखिरकार उन्होंने 28 फ़रवरी 2018 को प्रेस कांफ्रेंस कर तीन अन्य विधान पार्षदों के साथ कांग्रेस छोड़ने का एलान कर दिया था. बाद में सभी जदयू में शामिल हो गए थे.