अगस्त 2020 के पहले सभी घरों में प्रीपेड बिजली मीटर लगाने का मुख्यमंत्री ने दिया लक्ष्य

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज ऊर्जा विभाग की 692.74 करोड़ रूपये की लागत वाली विभिन्न योजनाओं का रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट का अनावरण कर उदघाटन एवं कार्यारम्भ किया. अधिवेशन भवन में आयोजित कार्यक्रम में कृषि फीडर के वेबपोर्टल एवं उड़ीसा में आये चक्रवाती तूफान ‘फेनी’ में क्षतिग्रस्त विद्युत व्यवस्था के पुनसर््थापन पर आधारित लघु फिल्म मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शित की गयी.

इस अवसर पर विद्युत उपभोक्ताओं के सहायतार्थ सिंगल विंडो हेल्प डेस्क अंतर्गत सुविधा केंद्र ‘टोल फ्री 19121⁄2’ की शुरुआत की गयी. मुख्यमंत्री ने उड़ीसा में बिजली के पुनसर््थापन में सहयोग करने वाली बिहार टीम के विद्युत अभियंताओं एवं रिकंडक्टिंग योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों तथा कार्यान्वयन एजेंसियों को सम्मानित किया. अधिवेशन भवन में आयोजित इस कार्यक्रम का सभी जिलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रसारण किया गया.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं ऊर्जा विभाग को इस बात के लिए धन्यवाद देता हूँ कि जो पहले से तय कार्यक्रम हैं, उसके क्रियान्वयन में वे पूरी मुश्तैदी से जुटे हुये हंै. आज अनेक पावर सब स्टेशन और ग्रिड सब स्टेशन का उदघाटन एवं कार्यारम्भ हो रहा है, यह काफी अच्छी बात है. ऊर्जा के क्षेत्र में हमलोगों का काम प्रशंसनीय है, जिसका लाभ सभी लोगों को मिल रहा है.

उन्होंने कहा कि पहले गाँव में भी बिजली की स्थिति काफी अच्छी थी जो धीरे-धीरे खत्म होती चली गयी. मुख्यमंत्री ने कहा कि 1975 में आपातकाल के समय मुझे याद है कि गाँव में भी 14 घंटे तक बिजली रहा करती थी. बाद के दिनों में बिजली के खंभे गायब होने लगे, तार की चोरी होने लगी और बिजली नहीं रहने के कारण जो कुछ बिजली के तार बचे थे, उस पर लोग कपड़े सुखाने लगे. इस परिस्थिति में हमलोगों ने वर्ष 2006 से काम करना शुरू किया. वर्ष 2012 में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दिन गाँधी मैदान में झंडोत्तोलन के बाद हमने कहा था कि बिजली की स्थिति में अगर सुधार नहीं ला पायेंगे तो वोट मांगने नहीं जायेंगे. इसके बाद नये सिरे से पूरे उत्साह के साथ काम शुरू हुआ और सबसे पहले विद्युत बोर्ड को 5 कम्पनियों में विभक्त किया गया, जिसका शुरू के दिनों में पुरजोर विरोध भी हुआ. काफी समझाने के बाद विद्युत बोर्ड के अधिकारी एवं कर्मी शांत हुए और काम शुरू हुअ ा और उसका परिणाम यह है कि लक्ष्य से पहले ही 25 अक्टूबर 2018 को हमलोग बिहार के हर इच्छुक परिवार को बिजली का कनेक्शन उपलब्ध कराने में कामयाब हुए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर इच्छुक परिवार तक बिजली पहुँचाने के बाद अब हमने यह लक्ष्य निर्धारित किया है कि इस वर्ष के अंत तक हर इच्छुक किसानों को कृषि फीडर के माध्यम से बिजली का कनेक्शन मुहैया करायें. इसके अलावा इस वर्ष 31 दिसम्बर तक पूरे बिहार के जर्जर बिजली के तारों को भी बदलने का लक्ष्य निर्धा िरत किया गया है. इस दिशा में तेजी से काम आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि कृषि फीडर के माध्यम से अब किसानों के खेतों तक बिजली पहुंचाई जा रही है, जिससे पटवन पर आने वाले खर्च में काफी कमी आएगी. अभी डीजल से फसल की सिंचाई करने पर जहाँ 100 रूपये की लागत आ रही है, वहीं बिजली से पटवन करने में मात्र 5 रूपये की लागत आएगी. किसानों को इससे अच्छी मदद और क्या हो सकती है.

उन्होंने कहा कि आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जितने कृषि फीडर की जरूरत होगी, उसे बनाइए, इसके लिए लिए इन्तजार करने की जरूरत नहीं है. विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त 2020 के पहले पूरे बिहार में प्रीपेड मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित करिये क्यांेकि सबसे अधिक शिकायत बिजली बिल को लेकर आती है. इससे बिजली की फिजूलखर्ची पर रोक लगेगी, साथ ही लोगों की शिकायतें भी दूर होंगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत लोगों की आदत होती है सिर्फ बोलने की लेकिन हम जो कर सकते हैं, वही कहते हैं. चुनाव प्रचार के क्रम में पूरे बिहार में हम जिन 171 स्थानों पर गये वहां की कमियों को देखने के बाद उसे दूर करने को लेकर लोगों को आश्वस्त किया. उन स्थानों पर पुनः जाने का मेरा कार्यक्रम बन रहा है. उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखकर हमने प्राथमिकता के तौर पर काम किया है, जिसका नतीजा है कि जिस बिहार का वर्ष 2005-06 में बजट 30 हजार करोड़ का हुआ करता था, वह अब बढ़कर दो लाख करोड़ पर पहुँच गया है.

उन्होंने कहा कि बिजली की बेहतर उपलब्धता हो इसके लिए राज्य सरकार दो प्रकार का अनुदान देती है. बिजली के रेट पर करीब 5 हजार करोड़ रूपये का अनुदान दिया जाता है. इसके अलावा सिस्टम में जो कमी है उसे दूर करने के लिए भी राज्य सरकार डिस्टंीब्यूशन कम्पनियों 1⁄4बिजली विभाग 1⁄2 को अनुदान मुहैया कराती है. प्रीपेड मीटर लगने के बाद हमे एक सब्सिडी से मुक्ति मिलेग ी. डीजल सिंचाई पर भी राज्य सरकार किसानों को अनुदान उपलब्ध करा रही है.

मुख्यमंत्री ने आज शुरू किये गये सुविधा केंद्र की सराहना करते हुए कहा कि सुविधा देने के लिये जो सिस्टम है, वह बहुत ही अच्छा है. इसके माध्यम से लोग बिजली के संबंध में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसका विभाग मॉनिटरिंग करेगा और तत्काल उपभोक्ताओं को होनेे वाली समस्याओं का निराकरण होगा.

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राजनीति, क्राइम और खेलकूद....

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