बेऊर मामले में बात कुछ और है, क्या सिर्फ कट्ठे भर जमीन के लिए गई दो जानें?

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पटना : बेऊर जेल में तैनात कांस्टेबल संतोष कुमार को गोली मारने के बाद उनके भांजे विशाल सिंह ने खुद को गोली मार ली थी. गुरुवार की सुबह हुए इस वारदात में दोनों की मौत हो चुकी है. वारदात सुबह साढ़े 8 बजे के करीब की है. जिस वक्त भांजे ने मामा को गोली मारी, उस दौरान दोनों पहले से ही बेऊर जेल के स्टाफ क्वार्टर में पहले से मौजूद थे. क्वार्टर में ही संतोष अपनी वाइफ और फैमिली को लेकर रहते थे. पढ़ाई करने के लिए भांजा विशाल भी इनके साथ पिछले 5 साल से रह रहा था.

ये बातें वारदात के बाद बे बेऊर थाना के एसएचओ आलोक कुमार और उनके टीम के इंवेस्टिगेशन में सामने आई. वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी. मामले की अच्छे तरीके से छानबीन करने के बाद पुलिस टीम ने कांस्टेबल की वाइफ का बयान दर्ज किया. पुलिस को दिए अपने बयान में वाइफ ने साफ कहा है कि बिहटा में उनके हसबेंड ने एक कट्ठा जमीन खरीदी थी. जिसे संतोष बेचना चाहते थे. लेकिन भांजा विशाल अपने मामा को जमीन बेचने नहीं दे रहा था. विशाल ऐसा क्यों कर रहा था, ये बात नहीं पता. लेकिन जमीन की वजह से ही उनके हसबेंड की हत्या की गई है.



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फाइल फोटो

पुलिस भी कांस्टेबल की वाइफ के दिए बयान को ही सही मान रही है. अब संभावना है कि जमीन को असली कारण मान पुलिस अपनी जांच भी बंद कर दे. क्योंकि मामा की हत्या के बाद भांजा ने भी खुद को गोली मार लिया था. जिसमें उसकी भी मौत हो गई.

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जांच के दौरान पुलिस टीम के हाथ वारदात स्थल से गोली का दो खोखा और मिस फायर की दो गोलियां बरामद की. लेकिन सवाल ये उठता है कि जब विवाद जमीन को लेकर था तो मामा की हत्या के बाद भांजे ने खुद सुसाइड क्यों किया? यहां पर पुलिस को दिया कांस्टेबल की वाइफ का दिया बयान हजम नहीं हो रहा है. निश्चित तौर पर वारदात के पीछे की मुख्य वजह कुछ और होगी. लेकिन इस बात का खुलासा पुलिस के प्रोपर इंवेस्टिगेशन में नहीं होगा. अब सबकुछ पुलिस के उपर डिपेंड है कि वो हत्यारे के मरने के बाद भी वारदात का सही कारण जानने के लिए पूरे मामले की तह तक जाती है या नहीं.