सबसे कम उम्र की मुखिया बनीं आयशा खातून ने बताया कैसे आया नेता बनने का ख्याल, इंजीनियर पति ने ये कहा

लाइव सिटीज पटना: बिहार में चल रहे पंचायत चुनाव के आठवें चरण का भागलपुर में मतगणना देर शाम संपन्न हो गया, इस दौरान सबौर प्रखंड के फतेहपुर पंचायत से बिहार की सबसे कम उम्र की मुखिया आयशा खातून बनी है. उनकी उम्र महज 21 साल 2 महीनें है. जीत के बाद जहां पूरे फतेहपुर में जश्न का माहौल देखा जा रहा है, पूरे बिहार में सबसे कम उम्र का मुखिया बनने की खुशी में आयशा खातून के घर और पंचायत में लोग आतिशबाजी कर जश्न मना रहे हैं. वहीं उनके घर पर बधाई देने के लिए आम लोगों की भारी भीड़ जमा है.

इंजीनियर ताज की पत्नी मुखिया आयशा खातून का कहना है कि पंचायत के विकास के लिए वह आम लोगों के साथ मिलकर काम करेंगी. उन्होंने कहा कि गांव का सेवा करने का मौका मिला है, बहुत ख़ुशी हो रही है. फतेहपुर पंचायतकी जनता का शक्रिया अदा करती हूं. साथ ही आयशा खातून ने मुखिया के तौर में अपने एजेंडा को भी सामने रखा और कहा कि इंदिरा आवास नहीं बना है, इस क्षेत्र में काम करूंगी साथ ही राशनकार्ड और शिक्षा को लेकर भी काम करूंगी.

21 साल की उम्र में मुखिया बनी आयशा खातून ने बताया कि वह बीए तक पढ़ी है. वह जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह खड़ी होने की कोशिश करेगी. वहीं पढाई के साथ साथ राजनीति में आने के सवाल पर कहा कि शादी से पहले भी नेता बनने कि इच्छा थी जनता के बीच घूमे थे. इसमें पति का भी पूरा सहयोग मिला है. वहीं आयशा खातून के इंजीनियर पति ताज पत्नी के मुखिया बनने पर बहुत खुश है. उन्होंने कहा कि बहुत ख़ुशी महसूस हो रहा है, इससे पहले भी एक बार उनकी मां चुनाव लड़ चुकी है. बता दें कि 21 वर्षीय आयशा खातून भागलपुर के फतेहपुर पंचायत से मुखिया उम्मीदवार थीं. आयशा खातून को 1191 वोट मिले हैं और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अनुराधा कुमारी को 327 मतों से हराया है. इतना ही नहीं उन्होंने लगातार 15 सालों से मुखिया पद पर काबिज इस क्षेत्र की निवर्तमान मुखिया को हराया है.