भोजपुर: शहीद रमेश के घर पर उमड़ी भीड़, पिता ने की परमवीर चक्र की मांग

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के लेवपोरा इलाके में संदिग्ध आतंकियों और सीआरपीएफ जवानों के बीच मुठभेड़ में भोजपुर का एक लाल शहीद हो गया है. सीआरपीएफ में तैनात रमेश रंजन भोजपुर जिले के जगदीशपुर इलाके के इसाढ़ी देवटोला गांव के निवासी थे. 30 वर्षीय रमेश रंजन के शहादत की खबर जैसे ही लोगों को मिली पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया.

जम्मू कश्मीर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद भोजपुर के वीर जवान रमेश रंजन का पार्थिव शरीर भोजपुर पहुंच गया. उनके गांव जगदीशपुर के देव टोला में मातम पसरा हुआ है. उनके आवास पर लोगों की भीड़ लगी हुई है. शहीद की मां और उनकी पत्नी सहित परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है. शहीद की पत्नी ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार किसी भी आतंकवादियों को जिंदा न छोड़े.



रमेश के पिता ने बताया कि मुझे अपने शहीद बेटे पर गर्व है. मेरा पूरा परिवार सेना में है. शहीद के पिता ने कहा कि सरकार श्रीनगर में ऐसा काम करे कि आतंकी जड़ से मिट जाएं और मेरे बेटे जैसा और किसी का बेटा शहीद न हो. शहीद का अंतिम संस्कार उनके गांव में पुलिस सम्मान के साथ किया जाएगा.

शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान रमेश रंजन के पिता ने मुआवजा लेने से इंकार कर दिया है और उन्होंने अपने बेटे को मरणोपरांत परमवीर चक्र देने की मांग सरकार से की है. नम आंखों से शहीद के पिता ने कहा कि हमें अपने बेटे के शहादत पर गर्व है. उसने देश की रक्षा के लिए अपनी जान दी है. मुझे सरकार के तरफ से कोई मुआवजा नहीं चाहिए बल्कि मेरे बेटे को मरणोपरांत परमवीर चक्र दी जाए. वहीं सरकार के कोई भी मंत्री या नेता सूचना के बाद भी शहीद के परिवार से मिलने नहीं पहुंचा है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है.