कोरोना के आंकड़ों में फिर बड़ा झोल, सरकार कह रही बस 3 हजार; असल रिपोर्ट में लाख से भी ज्यादा हुए ‘अनाथ

लाइव सिटीज, पटना : कोरोना की दूसरी लहर में अनगिनत मौतें हुई थीं. शायद ही कोई घर होगा, जिसकी जान-पहचान के लोग काल-कवलित नहीं होंगे. हर सेक्टर में मौतें हुई थीं. यहां तक कि मेडिकल ​सेक्टर भी इससे वंचित नहीं रहा. बिहार में तो 100 से अधिक डॉक्टरों की मौत हो गई. यहां तक बिहार के सबसे बड़े कॉर्डियोलॉजिस्ट इस संक्रमण काल में गुजर गए. ऑक्सीजन से लेकर रेमडिसिविर इंजेक्शन के लिए लिए लोग भटक रहे थे. अब सरकार कह रही है कि ऑक्सीजन की कमी से किसी की भी मौत नहीं हुई है.

लेकिन अब बड़ा झोल अनाथ हुए बच्चों की रिपोर्ट में देखने को मिल रहा है. सरकार ने जानकारी दी थी कि 14 महीनों में 3621 बच्चे अनाथ हुए थे, जबकि एनसीपीसीआर ने सु्प्रीम कोर्ट में बताया था 30व71 बच्चे बेसहारा हो गए हैं. लेकिन द लैसेंट में छपी रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि भारत में 14 महीनों यानी एक मार्च 2020 से 30 अप्रैल 2021 के बीच कोरोना वायरस महामारी के दौरान भारत में 1 लाख 19 हजार बच्चों ने संक्रमण के कारण अपने माता-पिता या उन अभिभावकों को खो दिया, जो उनकी देखभाल करते थे. भारत समेत विश्व के 21 देशों में यह संख्या 15 लाख से अधिक है.

द वायर में छपी रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑन ड्रग एब्यूज (एनआइडीए) और नेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ (एनआइएच) के अध्ययन में कहा गया है कि भारत में 25500 बच्चों ने कोविड-19 के कारण अपनी मां को खो दिया, जबकि 90751 बच्चों ने अपने पिता को और 12 बच्चों ने माता-पिता दोनों को खो दिया. इस अध्ययन के आकलन के अनुसार, दुनियाभर में 1,134,000 बच्चों ने अपने माता-पिता या संरक्षक दादा-दादी/नाना-नानी को कोविड-19 के कारण खो दिया. इनमें से 1,042,000 बच्चों ने अपनी मां, पिता या दोनों को खो दिया. ज्यादातर बच्चों ने माता-पिता में से किसी एक को गंवाया है.

गौरतलब है कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी थी कि एक अप्रैल 2020 से पांच जून 2021 तक विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा सौंपे गए आंकड़ों के मुताबिक कोरोना काल में 30071 बच्चों के माता या पिता या माता-पिता दोनों की मौत हो गई है. आयोग के अनुसार, महामारी के चलते इनमें से 26176 बच्चों ने अपने माता-पिता में से किसी एक को खो दिया. सरकार ने जानकारी दी थी कि 3621 बच्चे अनाथ हो गए हैं.