बड़ी खबर: LJP में टूट के बाद बोले पशुपति कुमार पारस, चिराग के रहने से कोई परेशानी नहीं, नीतीश कुमार को मानता हूं अच्छा लीडर

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: लोक जनशक्ति पार्टी में टूट के बाद चिराग पासवान के चाचा और एलजेपी सांसद पशुपति पारस से पहली बार मीडिया के सामने आए हैं.  एलजेपी में टूट की खबर की अब आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है.  पशुपति ने कहा कि पार्टी की इच्छा थी कि पार्टी एनडीए के साथ रहे. हम भाइयों ने आपस में बहुत बनती थी. पार्टी के 99% वर्करों की भावनाओं को ठेस पहुंचाया गया, एनडीए गठबंधन को तोड़ दिया गया. गठबंधन को गलत ढंग से तोड़ा गया. पशुपति ने कहा कि बिहार में एनडीए गठबंधन कमजोर हुआ और पार्टी की समाप्ति के कगार पर चली गयी. हमारे दल में छह सांसद हैं जिसमें से पांच सांसद पिछले छह माह से लगातार कह रहे थे कि पार्टी का अस्तित्व खत्म हो रहा है। मैंने पार्टी को तोड़ा नहीं, पार्टी को बचाया है. 

पशुपति पारस ने कहा कि पार्टी के 99 फीसदी कार्यकर्ता, सांसद, विधायक सभी की इच्छा के बाद हम 2014 में एनडीए गठबंधन के पार्ट बने. सबकी इच्छा थी कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए के पार्ट बने रहें. स्वर्गीय पासवान की अंतिम इच्छा थी कि देश का दलित, गरीब, उच्च जाति के गरीब का उत्थान हो. इसलिए उन्होंने गरीब सेना और पार्टी का गठन किया. मैं चाहता हूं कि उनकी यह इच्छा सफल हो. वे अमर रहें.

पारस ने कहा है कि चिराग पासवान उनके भतीजे हैं और पार्टी के नेता भी हैं. चिराग पासवान के रहने से मुझे कोई परेशानी नहीं है. हमारी पार्टी पहले की तरह रहेगी. लेकिन जो गलत फैसले लिए गए उसको अब ठीक करने का वक्त आ गया है. पशुपति पारस ने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो काम किया है उसको देखते हुए बिहार में पार्टी उनके नेतृत्व में काम करती रहेगी. बिहार में एनडीए का नेतृत्व नीतीश कुमार के हाथ में ही रहेगा. हम एनडीए से जुड़े रहेंगे. उन्होंने कहा कि मैं नीतीश कुमार को अच्छा लीडर मानता हूं. वो विकास पुरूष हैं.

हाजीपुर सांसद ने कहा कि मैं एलजेपी के उन कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं जो दूसरे दलों में चले गए हैं वे वापस पार्टी के साथ जुड़ें. उन्हें जो भी सम्मान रामविलास पासवान सम्मान देते थे वही सम्मान मिलता रहेगा. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को मैंने कल शाम आठ बजे हमने पांच सांसदों का पत्र दे दिया है. वो जब बुलाएंगे हम जाएंगे। हमारी पार्टी है, हमारा संगठन है और रहेगा.

बता दें कि बिहार में चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी में बड़ी बगावत हो गई है. एलजेपी के पांच सांसदों ने पार्टी से अलग होने का फैसला कर लिया है. एलजेपी के छह में से पांच लोकसभा सांसदों ने हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद पशुपति कुमार पारस को संसदीय दल का नेता चुना है. पशुपति चिराग पासवान के चाचा हैं. चिराग पासवान को हटाकर नेता चुना जाना बिहार की राजनीति के लिहाज से बड़ी घटना है.