गोपालगंज जहरीली कांड में मिली सजा पर सीएम नीतीश कुमार का बड़ा बयान, कहा- कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक

लाइव सिटीज, पटना : गोपालगंज के खजूरबानी जहरीली शराबकांड में कोर्ट ने 9 लोगों को फांसी की सजा सुनाई है. चार महिलाओं को उम्रकैद को दी है. इस पर आज शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया है. आज वे टीपीएस कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इस दौरान मुख्यमंत्री ने मीडिया से भी बात की. मौके पर शिक् मंत्री विजय कुमार चौधरी समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गोपालगंज जहरीली शराब कांड में कोर्ट की ओर से सुनायी गयी फांसी की सजा ऐतिहासिक फैसला है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में जब शराबबंदी लागू की गई थी, उसी वर्ष गोपालगंज जिले में यह हृदयविदारक घटना हुई थी. जहरीली शराब पीने के कारण कई लोगों की मौत हो गयी थी. उस समय भी हमने लोगोंे को सचेत किया था और कहा था कि अगर जहरीली शराब पीजिएगा तो मृत्यु का शिकार हो जाइयेगा, इसलिए कभी किसी की गलत बातों पर भरोसा नहीं कीजिएगा. उन्होंने कहा कि गोपालगंज घटना की पूरी तरह से जांच की गई जिसके आधार पर कोर्ट ने दोषियों को सजा दी है, यह बड़ी बात है.

उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझना चाहिए कि शराबबंदी लोगों के हित में है. बिहार में महिलाओं की मांग पर शराबबंदी लागू की गई. युवक-युवतियों की भी यही इच्छा थी. जिस घर में लोग शराब पीते थे, उस घर में काफी परेशानी थी. इन सबको ध्यान में रखते हुए बिहार में शराबबंदी लागू हूई. शराबबंदी से समाज में स्थिति बेहतर हुई है. हमलोग जब शराबबंदी को लेकर अभियान चला रहे थे तो उस दौरान एक महिला ने कहा था कि मेरे पति जब शराब पीते थे, शाम में घर आकर झगड़ा करते थे और देखने मे क्रूर लगते थे, लेकिन जब से शराबबंदी लागू हुई है, अब शाम को घर आते हैं तो बाजार से सब्जी खरीदकर लाते हैं, मुस्कुराते हैं और अब देखने में भी अच्छे लगते हैं. बापू भी शराबबंदी के पक्ष में थे. उन्होंने कहा कि ऐसी सजा मिलने से लोगों में डर होगा कि अगर वे गड़बड़ी करेंगे तो उन्हें भी कड़ी सजा मिलेगी. इस तरह की सजा से लोगों पर इसका व्यापक असर पड़ेगा.