बिहार: छात्र व युवा संगठनों का बेरोजगारी से लड़ने के लिए ‘संयुक्त छात्र-युवा मोर्चा’ का ऐलान, अग्निपथ पर सरकार को घेरने की तैयारी

लाइव सिटीज पटना: छात्र और युवा संगठनों ने बेरोजगारी के मुद्दे से लड़ने के लिए ‘संयुक्त छात्र-युवा मोर्चा’ के गठन की घोषणा की. मोर्चा ने आठ सदस्यीय समन्वय समिति को भी नियुक्त किया. समिति में अजीत कुमार, हिमांशु कुमार, इंद्रजीत कुमार, निशांत यादव, ओसामा खुर्शीद, पवन कुमार, पुष्पेंद्र शुक्ला, रजनीश और ऋषि आनंद को सदस्य बनाया गया है. समन्वय समिति को बैठक और सम्मेलन बुलाने, भविष्य के कार्यक्रम और रणनीति तैयार करने और रोजगार के मुद्दे पर विभिन्न संगठनों और छात्रों के साथ संवाद स्थापित करने का काम सौंपा गया है.

संयुक्त छात्र-युवा मोर्चा 26 जून को बेरोजगारी के मुद्दे पर राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित करेगा. यह सम्मेलन पटना के केदार भवन में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा. मोर्चा ने 29 जून को अग्निपथ योजना के खिलाफ विधानसभा मार्च की भी घोषणा की. मार्च दोपहर 12 बजे पटना कॉलेज से शुरू होगा. संयुक्त छात्र-युवा मोर्चा ने अग्निपथ आंदोलन पर तीन मांगों के चार्टर की घोषणा की
1.अग्निपथ योजना को तत्काल प्रभाव से पूर्ण रूप से वापस लेना एवं पुरानी भर्ती योजना को पुनः बहाल करना

2.छात्रों को रिहा करना और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना

3.सशस्त्र बलों और केंद्र और राज्य स्तर पर विभिन्न सरकारी विभागों में सभी स्वीकृत पदों को भरना

मोर्चा ने अग्निपथ योजना को छात्र-विरोधी और देश-विरोधी बताया. मोदी सरकार सेना को ठेकेदारी में बदलने की कोशिश कर रही है और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही है. मोर्चा ने सेना की तैयारी करने वाले छात्रों को सुरक्षा गार्ड, ड्राइवर, नाई, धोबी के रूप में रखने के भाजपा नेताओं के बयानों की भी निंदा की. संयुक्त छात्र-युवा मोर्चा ने सरकार को आगाह किया कि यदि योजना को तत्काल प्रभाव से वापस नहीं लिया गया तो वह इस योजना के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगा.