कोटा में बिहार की स्टूडेंट ने किया सुसाइड, इसी साल मई में गयी थी NEET की तैयारी करने

kota-sonali
मृतक छात्रा की फाइल फोटो

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : राजस्थान की ‘कोचिंग नगरी’ कोटा में बिहार की एक स्टूडेंट द्वारा सुसाइड करने का मामला सामने आया है. मिली जानकारी के अनुसार मृतक छात्रा का नाम सोनाली सिंह (17 वर्ष) है. वह बिहार के शेखपुरा जिले के बरबीघा इलाके की रहनेवाली है. उसकी लाश कोटा के दादाबाड़ी इलाके में स्थित एक हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटकी हुई मिली है. सुसाइड करने वाली छात्रा कोटा में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी. वह फिलहाल 11वीं की स्टूडेंट थी. सोनाली इसी साल मई माह में शेखपुरा से मेडिकल की तैयारी करने कोटा गयी थी.

घटना के बारे में दादाबाड़ी पुलिस थाने के इंस्पेक्टर रामकरण नागर ने मीडिया को बताया है कि उक्त छात्रा बुधवार को ही दिन में लंच के बाद अपने कमरे में चली गयी थी. रात को डिनर के वक़्त तक भी जब वह बाहर नहीं आई तो साथी छात्राओं ने उसकी तलाश की. इस दौरान वो अपने कमरे की छत से पंखे द्वारा फंदा लगाकर लटकी पायी गयी. पुलिस ने प्रथमदृष्टया मौत की वजह पढ़ाई के तनाव को माना है. छात्रा के शव को स्थानीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया और बिहार में उसके परिजनों को सूचना दी गयी.

शुक्रवार को कोटा पहुंचे परिजन

घटना की जानकारी मिलते ही छात्रा के परिजन आज शुक्रवार को कोटा पहुंचे. परिजनों ने हालांकि छात्रा के साथ मारपीट करने और उसकी हत्या किये जाने का आरोप लगाया है. स्थानीय मीडिया के अनुसार उसके पिता प्रदीप ने बताया है कि मोर्चरी में शव को देखने पर उसके चेहरे पर चोट के निशान दिखे और मुंह से खून निकलना भी पता चल रहा था.

पिता को सुसाइड पर यकीन नहीं

मृतका के पिता के अनुसार सोनाली का एडमिशन दो माह पूर्व ही कोटा की एक नामी कोचिंग संस्थान में करवाया गया था. उनके दो लड़कियां व एक लड़का है, जिसमें बड़ी बेटी सोनाली पढने में सबसे होशियार थी. वह इस प्रकार सुसाइड जैसा कदम नही उठा सकती. परिजनों ने होस्टल की वार्डनों पर मारपीट करने की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. इसके बाद दादाबाड़ी पुलिस ने बताया है कि परिजनों के आने के बाद छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है. परिजनों द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

2019 में चौथा सुसाइड

बता दें कि कोटा में स्टूडेंट्स द्वारा सुसाइड किये जाने का यह इस साल 2019 का चौथा मामला है. कोटा में हर साल करीब डेढ़ लाख स्टूडेंट इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करने आते हैं. बीते कई सालों में यहां स्टूडेंट्स द्वारा सुसाइड किये जाने की घटनाएं सामने आई हैं. हालांकि बीते 2 सालों में इनमें काफी कमी देखी गयी है. पिछले साल 25 दिसम्बर को ही सीवान के रहने वाले एक स्टूडेंट द्वारा अपनी जान देने की खबर आई थी. यह उस हफ्ते छात्रों द्वारा सुसाइड करने की तीसरी, जबकि उन 24 घंटों में दूसरी घटना थी

2018 में सुसाइड के मामले

सीवान के स्टूडेंट द्वारा कोटा में सुसाइड का मामला बीते साल का 19वां था. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार जिला प्रशासन के पास उपलब्ध आंकड़ों से पता चला कि साल 2013-17 के दौरान कोटा में 58 छात्रों द्वारा सुसाइड किया गया. छात्रों द्वारा सुसाइड करने की घटनाओं में साल 2017 में गिरावट दर्ज की गई थी, जब जिला प्रशासन ने कोटा में रह रहे छात्रों के अनिवार्य काउंसलिंग के सख्त निर्देश जारी किये थे. इससे पहले साल 2015 और 2016 में सुसाइड की संख्या बढ़ने पर हर ओर इसकी कड़ी आलोचना हुई थी.

TISS की रिपोर्ट ने कई वजहों की ओर किया था इशारा

मनोचिकित्सकों और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) की एक रिपोर्ट के अनुसार छात्रों द्वारा इस तरह सुसाइड की घटनाओं को तनाव, पारिवारिक दबाव, डिप्रेशन, प्रेम संबंध, शराब और ड्रग्स की लत के साथ ही भावुकता में भी आकर अंजाम दिया जाता है. बता दें कि देश भर से करीब 1.5 लाख स्टूडेंट हर साल कोटा आते हैं. यहां मेडिकल और इंजीनियरिंग एंट्रेंस की तैयारी कराने वाले देशभर में विख्यात कई कोचिंग इंस्टीट्यूट हैं.

About Anjani Pandey 858 Articles
I write on Politics, Crime and everything else.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*