Bihar Budget 2021 : राजगीर में खुलेगा खेल विवि, शिक्षा के क्षेत्र में होंगे कई सारे काम, जानें वित्त मंत्री ने क्या बोला बजट सत्र में…

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : साेमवार को बिहार के उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने पहली बार बजट पेश किया. बजट में शिक्षा के क्षेत्र के लिए काफी कुछ है. उन्होंने इस दौरान शायरी से अपने अभिभाषण की शुरुआत की. आपको बता दें कि उन्होंने वित्तीय सत्र 2021-22 के लिए यह बजट पेश किया. इस दौरान सर्वप्रथम उन्होंने पिछले साल की उपलब्धियों को गिनाया. उन्होंने कहा कि इस बार का बजट सर्वांगीण विकास को मद्देनजर रखते हुए तैयार किया गया है. उन्होंने 2 लाख 18 हजार 303 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. जबकि बताया कि अनुमानित आय 2 लाख 18 हजार 502 करोड़ है. उन्होंने कहा कि 2021-22 में सभी लंबित सभी कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा.

इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए देंगे 110 करोड़

राजगीर में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना होगी. इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए 110 करोड़ देंगे . संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ाने की योजना सुनिश्चित की जायेगी. प्रत्येक प्रमंडल में टूल रूम एवं ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा. इनमें आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को अत्याधुनिक मशीनों पर नई तकनीक की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके साथ-साथ 10वीं एवं 12वीं पास युवकों के लिए भी इनमें दीर्घकालीन प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी. बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत 1,15,116 आवेदनों को स्वीकृति दी गयी है. कुल स्वीकृत ऋण राशि 2995 करोड़ है. कुल वितरित ऋण की संख्या 109071 एवं वितरित ऋण राशि 1495 करोड़ रु है.  

मेगा स्किल सेंटर खोला जायेगा

मार्गदर्शन एवं नई स्किल में प्रशिक्षण हेतु हर जिले में मेगा स्किल सेंटर खोला जाएगा. कुशल युवा कार्यक्रम के अंतर्गत सभी 534 प्रखंडों में 1609 प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं. अब तक 10 लाख  4 हजार 147 आवेदकों को प्रशिक्षण दिया गया है एवं 112092 आवेदक प्रशिक्षणरत हैं. युवा शक्ति बिहार की प्रगति के लक्ष्य के अंतर्गत युवाओं के लिए अधिक बेहतर तकनीकी प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी.

तकनीकी शिक्षा हिंदी में होगी उपलब्ध

बिहार में उद्यमिता को बढ़ावा देने और युवाओं के स्वयं उद्यमी बनने के लिए जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी. सरकारी ऑफिस में आरक्षण के अनुरूप संख्या बढ़ाई जाएगी. नेटवर्किंग, आईटी समेत कई ट्रेड में ट्रेनिंग दी जाएगी. उच्चस्तरीय सेंटर फॉर एक्सीलेंस बनाया जायगा. तकनीकी शिक्षा हिन्दी में उपलब्ध होगी. एक चिकित्सा विश्व विद्यालय और एक अभियंत्रण विद्यालय की स्थापना की जाएगी.