राज्‍य सभा चुनाव : तो क्‍या नीतीश कुमार किसी नये चेहरे को भी टिकट देने जा रहे हैं ?

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्‍क : राज्‍य सभा चुनाव को लेकर नीतीश कुमार ने सस्‍पेंस बनाए रखा है. अब एलान अररिया, जहानाबाद और भभुआ में संडे 11 मार्च्र को उपचुनाव के लिए पांच बजे शाम को वोट खत्‍म होने के बाद ही होगा. पर, शनिवार रात से बिहार के पोलिटिकल सर्किल में यह खबर तेज है कि जैसा सभी सोच रहे हैं, वैसा नीतीश कुमार का उम्‍मीदवार नहीं होगा. दो में से एक उम्‍मीदवार बदलेगा. किसी दलित नेता को राज्‍य सभा में जदयू भेज सकती है.

जदयू के दो प्रबल उम्‍मीदवारों में सिटिंग एमपी वशिष्‍ठ नारायण सिंह और किंग महेन्‍द्र हैं. इनमें किसी एक का टिकट गोल हो सकता है. जिस किसी का गोल हो, नीतीश कुमार बदले में नया नाम ला देंगे. नामांकन की अंतिम तारीख सोमवार 12 मार्च है. नीतीश कुमार जब तक घोषणा न कर दें, उनके निर्णय की आहट सिर्फ पांच लोगों तक सीमित रहती है. ये पांच लोग हैं – नीतीश कुमार, आरसीपी सिंह, ललन सिंह, संजय गांधी और ललन सर्राफ.



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किंग महेंद्र की दावेदारी पर अभी भी संशय (फाइल फोटो)

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दलित उम्मीदवार की संभावना

आहट की सुगबुगाहट भांपने में लगे लोग शनिवार की शाम से जदयू के दूसरे उम्‍मीदवार के रुप में किसी दलित लीडर को देख रहे हैं. नाम उछाल देने वाले अरुण मांझी की चर्चा कर दे रहे हैं. अरुण मांझी कभी फुलवारीशरीफ में श्‍याम रजक को पराजित कर विधायक बने थे. अभी जहानाबाद में चुनाव प्रचार में जदयू की ओर से लगे थे. अरुण मांझी की बात करने वाले लोगों का कहना है कि जीतन राम मांझी के इफेक्‍ट को पंक्‍चर करने की कोशिश होगी.

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नीतीश कुमार अंत समय तक अपने पत्ते नहीं खोलते

कई लोग दलित लीडर की चर्चा छिड़ने पर अभी-अभी कांग्रेस से आए अशोक चौधरी का भी नाम लेने लगे हैं. चौधरी का बिहार विधान परिषद के रुप में कार्यकाल अभी बचा है. लाइव सिटीज आज शनिवार 10 मार्च की रात यह भी स्‍पष्‍ट कर दे रहा है कि खबर पोस्‍ट किए जाने तक कांग्रेस ने अखिलेश प्रसाद सिंह के नाम का आधिकारिक एलान नहीं किया है.

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अखिलेश सिंह पर चर्चा तेज, लेकिन अभी आधिकारिक एलान नहीं

इस संबंध में कुछ दूसरे समाचार माध्‍यमों में चली खबरें सत्‍य नहीं है. हालांकि, लाइव सिटीज के पहले खुलासे के मुताबिक यह सच है कि सबसे आगे अखिलेश प्रसाद सिंह का ही नाम है. अखिलेश सिंह पटना आ गए हैं और आवश्‍यक कार्यवाही में भी लगे हैं.

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वशिष्ठ नारायण सिंह अभी जदयू के सिटिंग एमपी हैं

राजद से राबड़ी देवी की भी चर्चा

राजद में राबड़ी देवी की चर्चा भी फैल रही है. तर्क यह कि नई दिल्‍ली में बड़े बंगले की जरुरत है. प्रेम गुप्‍ता अब लालू प्रसाद के साथ नहीं हैं. पर, राबड़ी देवी का नाम अभी फाइनल नहीं है. यदि राबड़ी देवी राज्‍य सभा जाती हैं, तो 2019 में छपरा से लोक सभा चुनाव लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव लड़ेंगे. दूसरी सीट राजद कैश क्रंच को दूर करने के रास्‍ते बढ़ सकती है.

राजद में पहले से उम्‍मीदवारी की चर्चा में मनोज झा, शिवानंद तिवारी, जगतानंद, रघुवंश प्रसाद सिंह, मंगनी लाल मंडल, हीना शहाब, अली अशरफ फातमी आदि का नाम रहा है. जीतन राम मांझी का भविष्‍य भी महागठबंधन में ज्ञात होगा. रेस में नया नाम नोटों की गड्डी पर सोने वाले अशफाक करीम का भी जुड़ा है. टिकट कटने पर लास्‍ट मिनट में जदयू से कोई इधर कैश क्रंच को दूर करने को चला आए तो भी दंग मत होइएगा.

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